Top Newsउत्तर प्रदेशराज्य

रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में ” पंडित दीनदयाल उपाध्याय अवतरण दिवस समारोह ” का भव्य आयोजन

बरेली,26 सितम्बर। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ द्वारा व्यवसाय प्रशासन विभाग स्थित प्रो. एस.बी. सिंह ऑडिटोरियम में “पंडित दीनदयाल उपाध्याय अवतरण दिवस समारोह” का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष समारोह की केंद्रीय विषयवस्तु “विकसित भारत 2047 का महामार्ग: अंत्योदय” रही। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के माननीय राज्यपाल श्री संतोष गंगवार, स्वागताध्यक्ष के रूप में माननीय कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय तथा मुख्य वक्ता के रूप में पद्मश्री डॉ. महेश शर्मा (कुलाधिपति, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिहार) उपस्थित रहे।

इस अवसर पर माननीय कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। डीन एकेडमिक्स एवं प्रो. त्रिलोचन शर्मा ने मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. महेश शर्मा का स्वागत किया, जबकि डॉ. सौरभ वर्मा, डॉ. अमित वर्मा एवं डॉ. रश्मि रंजन ने कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय तथा डॉ. दीपक गंगवार ने कुलसचिव महेंद्र कुमार का स्वागत किया।

समारोह के दौरान डॉ. सौरभ वर्मा एवं ध्रुव शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक “भारतीयता के अमर साधक पंडित दीनदयाल उपाध्याय” का विमोचन माननीय राज्यपाल श्री संतोष गंगवार, कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय एवं पद्मश्री डॉ. महेश शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय का संदेश:
कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने अपने स्वागत संबोधन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन और दर्शन हमें समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान का मार्ग दिखाता है। विकसित भारत 2047 की संकल्पना तभी साकार होगी जब हम अंत्योदय के सिद्धांत को आत्मसात करते हुए गांव, गरीब और किसान के विकास को प्राथमिकता देंगे।

-------------------------------------------------------------------------------------------

मुख्य अतिथि श्री संतोष गंगवार का संदेश:
मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री संतोष गंगवार ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश का भविष्य है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र एवं समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और इन्हें अपनाकर ही हम आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर सकते हैं।

मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. महेश शर्मा का संदेश:
मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. महेश शर्मा ने संतोष गंगवार के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के दिनों की स्मृतियों को साझा करते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन-दर्शन और उनके विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने दैशिक शास्त्र, विराट कल्पना, राष्ट्रीय पुरुषार्थ, गांव की प्रतिभा, एक जिला-एक उत्पाद (ODOP), कृषि एवं ग्रामोद्योग आधारित अर्थव्यवस्था सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने विनोबा भावे से जुड़े विचारों तथा परमानंद जी से हुई मुलाकातों के अनुभवों को भी साझा किया।

वक्ताओं ने अंत्योदय की अवधारणा के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने, ग्रामीण प्रतिभाओं एवं स्थानीय संसाधनों को प्रोत्साहित करने तथा कृषि, ग्रामोद्योग और स्थानीय उत्पादन को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर बल दिया।

कार्यक्रम का सफल संयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ द्वारा किया गया, जिसमें डॉ. सौरभ वर्मा (संयोजक) तथा डॉ. अमित वर्मा, डॉ. विमल कुमार और डॉ. रश्मि रंजन (सह-संयोजक) का विशेष योगदान रहा। अंत में सभी अतिथियों, विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

---------------------------------------------------------------------------------------------------