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2047 के विजन पर PM मोदी का मंथन, राज्यमंत्रियों संग 3 घंटे चली मैराथन बैठक; कामकाज और सुधारों की हुई समीक्षा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्र प्रभार और अलग-अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे 12 से ज्यादा राज्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय में तीन घंटे से अधिक समय तक बैठक की। इस दौरान मंत्रियों ने अपने-अपने मंत्रालयों के कामकाज, अब तक किए गए सुधारों, नई पहलों और योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रधानमंत्री को दी।

बैठक में सरकारी योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने योजनाओं और परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने की आवश्यकता बताई। साथ ही काम की गुणवत्ता से समझौता नहीं करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया।

समयसीमा, गुणवत्ता और पारदर्शिता पर पीएम का जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से कहा कि योजनाओं और परियोजनाओं की डिलीवरी तय समय के भीतर सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि काम में तेजी के साथ गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। सरकारी योजनाओं का लाभ सही और लक्षित लोगों तक सीधे पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

गरीब कल्याण की योजनाओं पर खास फोकस

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में गरीब कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर प्रधानमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए और इस प्रक्रिया में किसी तरह की देरी या परेशानी नहीं होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से जनता के साथ सीधे जुड़ाव को लेकर भी जानकारी ली। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के साथ संवाद और मंत्रालयों की आम जनता तक पहुंच के बारे में भी सवाल किए।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक में विकसित भारत 2047 का लक्ष्य प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से उनके-अपने मंत्रालयों के विजन के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य में संबंधित मंत्रालयों की क्या भूमिका होगी और इसके लिए क्या योजनाएं तैयार की गई हैं।

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पीएम मोदी ने कहा कि मंत्रालयों के कामकाज की दिशा विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तय की जानी चाहिए। योजनाओं और कार्यक्रमों को भी इसी व्यापक लक्ष्य के अनुरूप आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

कैबिनेट मंत्री और शीर्ष नौकरशाह बैठक में नहीं हुए शामिल

सूत्रों के अनुसार, इस तरह की यह पहली बैठक थी। इसमें कैबिनेट मंत्री या शीर्ष नौकरशाह शामिल नहीं हुए। बैठक में स्वतंत्र प्रभार और अलग-अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे राज्यमंत्री मौजूद रहे। कृषि, शिक्षा, ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े राज्यमंत्रियों ने इसमें हिस्सा लिया।

सचिवों और सशक्त समूहों की बैठकों के बाद हुई बैठक

यह बैठक सभी विभागों के सचिवों और सशक्त समूहों के साथ हुई बैठकों के बाद आयोजित की गई। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री आने वाले समय में अन्य मंत्रालयों के राज्यमंत्रियों के साथ भी इसी तरह की बैठकें कर सकते हैं।

योजनाएं बनाने से आगे जमीन पर असर दिखाने का संदेश

बैठक में प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को स्पष्ट संदेश दिया कि मंत्रालयों का काम केवल योजनाएं तैयार करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। योजनाओं का वास्तविक असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए। हर स्तर पर समय की पाबंदी, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ मंत्रालयों को 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप अपनी योजनाओं और कामकाज को आगे बढ़ाना होगा।

 

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