हिमाचल में दर्दनाक सड़क हादसा: सिरमौर में 500 फीट गहरी खाई में गिरी बस, 12 यात्रियों की मौत, 33 घायल

शिमला। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। शिमला से कुपवी जा रही एक निजी बस अनियंत्रित होकर करीब 500 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में 12 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 33 लोग घायल हो गए। घायलों में एक बच्ची समेत चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।

सुबह निकली बस, दोपहर में हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, यह निजी बस शुक्रवार सुबह करीब साढ़े सात बजे 45 यात्रियों को लेकर शिमला से कुपवी के लिए रवाना हुई थी। दोपहर करीब तीन बजे सिरमौर जिले के हरिपुरधार बाजार से लगभग 100 मीटर पहले बस अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी।
स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा, चला रेस्क्यू
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान तेज किया गया।
33 घायल, चार की हालत नाजुक
सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका ने बताया कि हादसे में 12 लोगों की मौत हुई है, जबकि 33 यात्री घायल हैं। घायलों को संगड़ाह और ददाहू अस्पताल में भर्ती कराया गया है। संगड़ाह के उप-जिलाधिकारी सुनील कायथ के अनुसार, एक बच्ची समेत चार घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें रेफर किया गया है। बच्ची को नाहन और तीन अन्य घायलों को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिमला भेजा गया है।

कोहरा और पाला बना हादसे की वजह?
अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना की वास्तविक वजह की जांच की जा रही है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां घना कोहरा छाया हुआ था और सड़क पर पाला भी जमी हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि कम दृश्यता और फिसलन के कारण बस खाई में पलट गई।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मदद के निर्देश
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने संबंधित जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाए और घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए।
प्रशासन अलर्ट, अस्पतालों में तैयारी
उद्योग मंत्री और शल्लाई विधायक हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। नजदीकी अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

