चाणक्य नीति: सुबह उठते ही इन लोगों और चीज़ों को देखने से बचें, वरना खुल सकते हैं दुर्भाग्य और कंगाली के रास्ते

आचार्य चाणक्य को केवल एक महान रणनीतिकार ही नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला अद्वितीय नीतिकार भी माना जाता है। उनकी नीतियां आज भी मानव जीवन, आचरण और सफलता के मार्ग को समझाने में मार्गदर्शक हैं। चाणक्य नीति में सुबह की शुरुआत को बेहद अहम बताया गया है। आचार्य चाणक्य के अनुसार, दिन की शुरुआत जिन चीज़ों या व्यक्तियों को देखकर होती है, उनका सीधा असर व्यक्ति के स्वभाव, सोच और सफलता पर पड़ता है। यही वजह है कि उन्होंने कुछ खास लोगों और वस्तुओं को सुबह उठते ही देखने से मना किया है।

सुबह उठकर चरित्रहीन व्यक्ति का चेहरा न देखें
चाणक्य नीति और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, दिन की शुरुआत किसी चरित्रहीन व्यक्ति का चेहरा देखकर नहीं करनी चाहिए। माना जाता है कि ऐसे व्यक्ति को देखने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिसका असर व्यक्ति के विचारों और आचरण पर दिखाई देता है। इससे पूरा दिन भी खराब हो सकता है। इसलिए सुबह उठते ही ईश्वर का स्मरण करना या सकारात्मक विचारों के साथ दिन की शुरुआत करना शुभ माना गया है।
झूठ बोलने वाले व्यक्ति से सुबह दूरी बनाए रखें
आचार्य चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति लगातार झूठ बोलता है, उसकी शक्ल या बातें सुबह उठते ही नहीं सुननी चाहिए। यदि दिन की शुरुआत ही झूठ और छल से भरी बातों के साथ होती है, तो व्यक्ति का दिन अशुभ हो सकता है। इतना ही नहीं, ऐसे लोगों के प्रभाव में आकर व्यक्ति खुद को नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए झूठे लोगों से दूरी बनाकर रखना ही बेहतर माना गया है।
सुबह उठते ही आईना देखने से बचें

चाणक्य नीति में सुबह-सुबह आईना देखने की आदत को भी सही नहीं माना गया है। खासतौर पर महिलाएं और युवतियां, जिनकी दिन की शुरुआत आईना देखकर होती है, उन्हें इस आदत में बदलाव करने की सलाह दी गई है। मान्यता है कि सुबह उठते ही आईना देखने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है, जिससे मानसिक अस्थिरता और दिनभर बेचैनी बनी रह सकती है।
हिंसक तस्वीरें देखने से रहें दूर
वास्तु शास्त्र और चाणक्य नीति के अनुसार, जिस कमरे में व्यक्ति सोता है, वहां हिंसक तस्वीरें या दृश्य नहीं होने चाहिए। सुबह उठते ही यदि नजर ऐसी तस्वीरों पर पड़ती है, तो इससे स्वभाव में कठोरता और क्रूरता आ सकती है। इसका सीधा असर व्यक्ति के व्यवहार और जीवन पर पड़ता है। इसलिए शयन कक्ष में हमेशा शांत, सकारात्मक और शुभ चित्र लगाने की सलाह दी जाती है।
चाणक्य नीति में सुबह की शुरुआत का महत्व
आचार्य चाणक्य के अनुसार, सुबह का पहला प्रभाव पूरे दिन और भविष्य की दिशा तय करता है। अगर व्यक्ति सुबह उठते ही नकारात्मक लोगों या वस्तुओं को देखता है, तो यह उसकी सफलता और समृद्धि में बड़ी बाधा बन सकता है। इसलिए सकारात्मक सोच, अच्छे विचार और शुभ दर्शन के साथ दिन की शुरुआत करना ही जीवन में उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।

