ईरान जंग में शांतिदूत बनने चले पाकिस्तान पर भड़का UAE, रातों-रात 2 अरब डॉलर का कर्ज लौटाने का दे डाला अल्टीमेटम

इस्लामाबाद: आर्थिक बदहाली से जूझ रहे और हमेशा कर्ज के सहारे चलने वाले पाकिस्तान को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक ऐसा तगड़ा झटका दिया है, जिससे उसकी रातों की नींद उड़ गई है। दुनिया भर में कर्ज का कटोरा लेकर घूमने वाला पाकिस्तान इन दिनों मध्य पूर्व में शांतिदूत बनने की कोशिश कर रहा है और चाहता है कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग जल्द से जल्द रुक जाए। लेकिन पाकिस्तान की यह कूटनीतिक चाल UAE को बिल्कुल रास नहीं आ रही है। ईरान पर ट्रंप प्रशासन के कड़े एक्शन का समर्थन कर रहे UAE ने पाकिस्तान पर दबाव बनाते हुए अपना दो बिलियन डॉलर का पुराना कर्ज तुरंत वापस मांग लिया है। UAE ने पाकिस्तान को सख्त अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वह 17 अप्रैल तक पूरी रकम हर हाल में चुका दे।

कर्ज पर बढ़ाया ब्याज, अब दी डेडलाइन की चेतावनी
दरअसल, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमला करने के बाद से ही मध्य पूर्व जंग की आग में जल रहा है। हिजबुल्लाह और हूती जैसे गुट भी इस जंग में पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। एक तरफ जहां पाकिस्तान शांति के लिए मिस्र और तुर्की जैसे देशों के साथ बातचीत की कोशिश कर रहा है, वहीं UAE का साफ मानना है कि ईरान की ‘दादागिरी’ खत्म करने के लिए ट्रंप प्रशासन के बड़े हमले जारी रहने चाहिए। पाकिस्तान के इस शांति राग से खफा होकर UAE ने अपना पैसा वापस मांगा है। बता दें कि साल 2018 में UAE ने पाकिस्तान को दो बिलियन डॉलर का लोन दिया था। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के अनुसार, UAE ने इस कर्ज पर ब्याज दर को 3 फीसदी से बढ़ाकर सीधा 6.5 फीसदी कर दिया था और अब ईरान जंग के बीच इसे तुरंत लौटाने का भारी आर्थिक दबाव बना दिया है।
शांति का ठेका लेने में फेल हुआ पाक, पुतिन ने मारी एंट्री

अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कराने का जो सपना पाकिस्तान देख रहा था, वह अब पूरी तरह से टूटता नजर आ रहा है। सीजफायर कराने की कोशिशों में पाकिस्तान के बुरी तरह फेल होने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में रूस ने जोरदार एंट्री मार ली है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुद इस शांति समझौते की कमान अपने हाथों में ले ली है। पुतिन के प्रेस सचिव दमित्री पेस्कोव ने स्पष्ट कर दिया है कि मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने के लिए रूस हर संभव कदम उठाएगा। खुद राष्ट्रपति पुतिन एक्टिव मोड में आ गए हैं और इस सीजफायर प्लान पर तेजी से काम कर रहे हैं।
ट्रंप की शर्तों पर मध्यस्थता की हो रही थी कोशिश
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान दरअसल अमेरिका के इशारे पर ही शांति समझौते की कोशिशों में लगा हुआ था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने हाल ही में पाकिस्तान के मध्यस्थों से ईरान संघर्ष के बारे में खास बातचीत की थी। सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त निर्देश पर ही जेडी वेंस ने यह संकेत दिया था कि अमेरिका सीजफायर के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए कुछ बड़ी शर्तें माननी होंगी। इन अहम शर्तों में व्यापार के लिए ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज जलडमरूमध्य) को फिर से खोलना भी शामिल है। इसी एजेंडे को लेकर पाकिस्तान मध्यस्थता में जुटा था, लेकिन अब पूरी बाजी और पैसा दोनों उसके हाथ से फिसलते दिख रहे हैं।
