गोंडा में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक: लापरवाही पर सख्त डीएम, ग्राम प्रधानों पर कार्रवाई और दोषी सचिवों से होगी रिकवरी

गोंडा में विकास कार्यों की रफ्तार और गुणवत्ता को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने स्वास्थ्य, पंचायती राज, आंगनवाड़ी, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया और कई अहम निर्देश जारी किए। बैठक में साफ संदेश दिया गया कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर नाराजगी, रात्रि निरीक्षण के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी स्तर तक की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। डॉक्टरों की कमी, ओपीडी, डिलीवरी, ऑक्सीजन प्लांट और जलभराव जैसी समस्याओं पर अधिकारियों से जवाब तलब किया गया। समीक्षा में सामने आया कि कई सीएचसी अधीक्षक रात्रि निवास नहीं कर रहे हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को रात में औचक निरीक्षण कर फोटो सहित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
साथ ही हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सीएचओ की ऑनलाइन लोकेशन आधारित उपस्थिति रोजाना सुबह 10 बजे और दोपहर 3 बजे लेने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा 297 ग्राम पंचायतों में तैनात सीएचओ की निगरानी के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया।
आंगनवाड़ी और आयुष्मान योजना में तेजी लाने के निर्देश
आंगनबाड़ी विभाग की समीक्षा में लंबित आवेदनों को तत्काल निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्रता की जांच और मृतक कार्डधारकों का सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि तहसीलवार नोडल अधिकारी नियुक्त कर आयुष्मान कार्ड और फैमिली आईडी बनाने का काम समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए।
आभा आईडी के लिए ब्लॉक स्तर पर कैंप लगाकर मजदूरों और पात्र लोगों का पंजीकरण कराने को कहा गया। साथ ही गांवों में फॉगिंग सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
आवास योजना में गड़बड़ी पर सख्ती, दोषियों से होगी रिकवरी

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा में जिलाधिकारी ने साफ कहा कि जिन ग्राम पंचायत सचिवों ने आपात्र लाभार्थियों को भुगतान किया है, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए धन की वसूली की जाएगी। जिन गांवों का सत्यापन लंबित है, वहां के सचिवों का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।
आंगनबाड़ी निर्माण में सुस्ती पर बीडीओ को नोटिस
विकासखंड छपिया में आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और बीडीओ मनु लाल यादव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
ग्राम प्रधानों पर भी कसेगा शिकंजा
बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ ग्राम प्रधान विकास कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि ऐसे ग्राम प्रधानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू की जाए।
मनरेगा में पारदर्शिता पर जोर
मनरेगा की समीक्षा में जिलाधिकारी ने वित्तीय वर्षवार उन जॉब कार्ड की जानकारी मांगी जिन पर कोई मस्टर रोल जारी नहीं हुआ है, साथ ही उन मामलों का भी ब्योरा देने को कहा जहां पूर्ण भुगतान हो चुका है। इससे योजना की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन सहित स्वास्थ्य, विकास और पंचायत विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
