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स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में ई-सरस पोर्टल बनेगा सशक्त माध्यम : उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य


लखनऊ।दिनांक 15.06.2026, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) की आर्थिक सशक्तता को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन के लिए डिजिटल बाजार ई-सरस पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाया जा सकता है तथा उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है।

श्री मौर्य ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक अवसर उपलब्ध कराना है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। ई-सरस पोर्टल उनके उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ई-सरस पोर्टल के प्रभावी संचालन और व्यापक उपयोग से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उनके उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा प्रधानमंत्री के “आत्मनिर्भर भारत” और “महिला सशक्तिकरण” के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त होगी।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्वयं सहायता समूह महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण आधार बन चुके हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाएं हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण सामग्री, मसाले, अचार, पापड़, बेकरी उत्पाद, जैविक उत्पाद, रेडीमेड वस्त्र, सजावटी सामग्री तथा अन्य स्थानीय उत्पादों का निर्माण कर रही हैं। इन उत्पादों की गुणवत्ता और उपयोगिता को देखते हुए इन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ई-सरस पोर्टल पर अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों का पंजीकरण कराया जाए तथा उनके उत्पादों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया जाए। साथ ही उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और ऑनलाइन विपणन की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाए, जिससे ग्राहकों तक उत्पादों की सहज पहुंच सुनिश्चित हो सके।

श्री मौर्य ने कहा कि ई-सरस पोर्टल केवल ऑनलाइन बिक्री का माध्यम नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं को देशव्यापी बाजार उपलब्ध कराने का एक प्रभावी मंच है। इसके माध्यम से समूहों के उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी, महिलाओं की आय में वृद्धि होगी तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से उत्पादों की मांग और विपणन क्षेत्र का विस्तार होगा तथा समूहों की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी।

उप मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों का विपणन केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित न रखा जाए, बल्कि ई-सरस पोर्टल के माध्यम से देश के अन्य राज्यों तक भी पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में इन उत्पादों की मांग को देखते हुए निर्यात और अंतरराज्यीय विपणन की संभावनाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए। इससे प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों को नए बाजार प्राप्त होंगे और उनकी आय में निरंतर वृद्धि होगी।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे स्वयं सहायता समूहों को डिजिटल विपणन, ऑनलाइन लेन-देन, उत्पाद प्रबंधन तथा ग्राहक सेवा से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराएं, ताकि महिलाएं तकनीकी रूप से सक्षम बन सकें और डिजिटल बाजार की संभावनाओं का पूर्ण लाभ

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