उत्तर प्रदेशराज्य

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर गोंडा में जागरूकता अभियान, 33% महिला आरक्षण पर डॉ. अनीता मिश्रा ने रखे विचार

गोण्डा, 17 अप्रैल 2026 – नारी शक्ति वंदन अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार, गोण्डा में जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में जनपद की प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीता मिश्रा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि भारत सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है, जिससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में व्यापक वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को अपनी आवाज उठाने और नीति निर्माण में भागीदारी का सशक्त मंच प्रदान करेगा। वर्ष 2029 से इसके लागू होने का प्रस्ताव है, जो महिलाओं को मुख्यधारा की राजनीति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

डॉ. मिश्रा ने सरकार द्वारा संचालित महिला कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं मिशन शक्ति अभियान जैसी योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में अहम योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का पूरा लाभ तभी मिल सकेगा जब महिलाएं शिक्षित और जागरूक होंगी।

उन्होंने समाज में व्याप्त इस सोच को बदलने पर बल दिया कि महिलाएं राजनीति में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकतीं। डॉ. मिश्रा ने कहा कि महिलाएं संवेदनशीलता और समझ के साथ बेहतर नीतियां बना सकती हैं और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा। इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन उपस्थित रहीं।

मौत के बाद ‘जिंदा’ दिखाकर हड़पी जमीन: चूरू में फर्जी वसीयत कांड का खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

चूरू की कोतवाली थाना पुलिस ने पैतृक जमीन हड़पने की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक मृत व्यक्ति को दस्तावेजों में जिंदा दिखाकर उसके नाम से फर्जी वसीयत तैयार करवाई और बाद में उसी के आधार पर जमीन पर कब्जा जमा लिया।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अपनी योजना को अंजाम देने के लिए अदालत में झूठे गवाह भी पेश किए, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों को सही बताने की कोशिश की। मामले में कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

मृतक के नाम पर बनाई फर्जी वसीयत
कोतवाली थाने के एएसआई राजू सिंह के अनुसार, झुंझुनूं जिले के महनसर निवासी विक्रम सिंह ने 11 अगस्त 2024 को इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया कि परिवार की पैतृक कृषि भूमि का कभी विधिवत बंटवारा नहीं हुआ था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने साजिश रची।

जांच में खुलासा हुआ कि गिरधारी सिंह नामक व्यक्ति की मृत्यु 5 जुलाई 2006 को हो चुकी थी। इसके बावजूद करीब 11 महीने बाद उसके नाम से फर्जी वसीयत तैयार कर ली गई और उसे असली बताकर अदालत में पेश किया गया।

झूठे गवाहों के सहारे लिया कोर्ट का सहारा
आरोपियों ने मामले को मजबूत दिखाने के लिए अदालत में गवाह खड़े किए, जिन्होंने गलत बयान देकर फर्जी वसीयत को वैध साबित करने की कोशिश की। इसके साथ ही फर्जी बंटवारा पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कर अदालत से अपने पक्ष में फैसला भी हासिल कर लिया।

राजस्व रिकॉर्ड में भी की हेराफेरी
साजिश यहीं नहीं रुकी। आरोपियों ने बाद में राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव कर जमीन अपने नाम दर्ज करवा ली और उस पर कब्जा कर लिया।

पुलिस ने इस मामले में महनसर निवासी सुधीर कुमार (45) और गजेन्द्र सिंह (70) को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है और जल्द ही और खुलासे हो सकते हैं।

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