Thursday, June 25, 2026
Latest:
Top Newsउत्तर प्रदेशराज्य

यूपी पुलिस का ‘हाई-टेक’ अवतार, 500 क्राइम सीन एक्सपर्ट तैयार कर रही योगी सरकार, वैज्ञानिक जांच से अपराधियों पर कसेगा शिकंजा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में योगी सरकार बड़ा कदम उठा रही है। ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को जमीन पर उतारते हुए अब यूपी पुलिस पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच के सहारे अपराधियों तक पहुंचेगी। इसके तहत उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) में 500 क्राइम सीन एक्सपर्ट तैयार करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिसमें अब तक 300 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

यह पहल सिर्फ संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम मानी जा रही है। प्रशिक्षित अधिकारी अब फील्ड में जाकर जांच को अधिक सटीक और प्रभावी बनाएंगे, जिससे अपराधियों के बच निकलने की गुंजाइश बेहद कम हो जाएगी।

‘मास्टर ट्रेनर’ बनकर देंगे पूरे सिस्टम को मजबूती

इस योजना की खास बात इसकी ‘मल्टीप्लायर रणनीति’ है। UPSIFS से प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारी अपने-अपने जिलों और कमिश्नरेट में ‘मास्टर ट्रेनर’ की भूमिका निभाएंगे। ये अधिकारी कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के पुलिसकर्मियों को आधुनिक जांच तकनीकों का प्रशिक्षण देंगे।

वर्कशॉप और ट्रेनिंग सत्रों के जरिए साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य संरक्षण और क्राइम सीन मैनेजमेंट जैसी अहम तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। इससे पूरे प्रदेश में फॉरेंसिक पुलिसिंग की एक मजबूत और एकीकृत प्रणाली विकसित होगी, जो जांच की गुणवत्ता को नए स्तर पर ले जाएगी।

वैज्ञानिक जांच पर जोर, हर सबूत होगा अहम

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को सिखाया जा रहा है कि घटनास्थल पर पहुंचते ही डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को कैसे सुरक्षित किया जाए। साथ ही साइबर ट्रैकिंग, सैंपल कलेक्शन और एविडेंस प्रिजर्वेशन की आधुनिक विधियों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी छोटा से छोटा साक्ष्य नजरअंदाज न हो और उसे वैज्ञानिक तरीके से कोर्ट में प्रस्तुत किया जा सके। इससे न केवल जांच प्रक्रिया मजबूत होगी, बल्कि अपराधियों को सजा दिलाने में भी सफलता दर बढ़ेगी।

लगातार चल रहा प्रशिक्षण, नए बैच की तैयारी

संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी के अनुसार अब तक तीन बैचों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। चौथे बैच की शुरुआत 27 अप्रैल से होगी, जिसके बाद पांचवें चरण में भी विशेषज्ञ तैयार किए जाएंगे।

सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ राज्य को अपराध नियंत्रण के मामले में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

 

---------------------------------------------------------------------------------------------------