पवन खेड़ा को SC से राहत नहीं, अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग से इनकार
नई दिल्ली: असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी को लेकर किए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस के मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं है. कोर्ट ने खेड़ा की ट्रांजिट जमानत बढ़ाने की मांग से किया इनकार.आज सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका का विरोध किया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि असम की अदालत में याचिका दायर किया जाता है तो सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए पिछले आदेश और तेलंगाना हाई कोर्ट की टिप्पणी से प्रभावित नहीं होगा.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पवन खेड़ा की ओर से दायर की गई याचिका का विरोध किया. खेड़ा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि मामले में एक्स पार्टी ऑर्डर पास किया गया है. उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा को मिली ट्रांजिट बेल की अवधि खत्म हो रही है. उन्होंने कहा इस देश में अनुच्छेद 21 है. उन्होंने कहा कि खेड़ा की आधार कार्ड सहित कई दस्तावेज है, जिसमें स्थायी पता हैदराबाद का है.

तुषार मेहता ने कहा कि गलत बयान मत दीजिए. आपका मामला यह है कि हैदराबाद में आपकी संपत्ति है.सिंघवी ने कहा कि मैं उनका बयान पढ़ रहा हूं. सिंघवी आदेश पढ़ते हैं. सिंघवी ने कहा कि अटॉर्नी जनरल को संबंधित डॉक्यूमेंट सौंप दिया गया था. जस्टिस माहेश्वरी ने कहा कि लेकिन डॉक्यूमेंट की जालसाजी.. सिंघवी ने कहा कि प्रतिवादी संख्या 1 की पत्नी स्थायी रूप से हैदराबाद में रहती हैं. जस्टिस माहेश्वरी ने कहा कि जमानत याचिका पर आइए. सिंघवी ने कहा कि इसीलिए सही डॉक्यूमेंट अदालत में सौंपा गया था. न्यायाधीश ने उसे मान्यता दी और दर्ज किया.

जस्टिस माहेश्वरी ने कहा कि तेलंगाना में दायर याचिका में तो पता तक नहीं लिखा था? मान लीजिए कि सुप्रीम कोर्ट 10 दिनों के लिए बंद है और याचिका दायर करनी है. सिंघवी ने कहा कि अधिनियम में पारगमन जमानत का प्रावधान है. जस्टिस माहेश्वरी ने कहा लेकिन आप जाली और मनगढ़ंत दस्तावेज दाखिल नहीं कर सकते.
