ऑपरेशन साइबर कवच का असर! साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति को वापस मिले 40,589 रुपये, गोण्डा पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लौटी मुस्कान
गोण्डा: उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर कवच’ के तहत इटियाथोक थाना पुलिस ने एक साइबर ठगी के पीड़ित को बड़ी राहत दिलाई है। साइबर हेल्पडेस्क टीम की त्वरित कार्रवाई से ठगी गई 40,589 रुपये की पूरी राशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई। रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने गोण्डा पुलिस का आभार जताया।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक के मार्गदर्शन में थाना इटियाथोक की साइबर हेल्पडेस्क टीम ने जनपदीय साइबर सेल के सहयोग से मामले में त्वरित कार्रवाई की। संबंधित बैंक और इंटरमीडियरी से समन्वय स्थापित कर पीड़ित की धनराशि वापस कराई गई।

क्रेडिट कार्ड से की गई थी फर्जी खरीदारी
पुलिस के अनुसार इटियाथोक थाना क्षेत्र के सिकली पुरवा विजयगढ़वा निवासी अकबर अली ने साइबर हेल्पडेस्क में शिकायत दर्ज कराई थी कि साइबर ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड का दुरुपयोग कर ऑनलाइन खरीदारी कर ली है।
शिकायत मिलते ही साइबर हेल्पडेस्क टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। बैंक से ईमेल के माध्यम से आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई और संबंधित नोडल अधिकारियों से संपर्क कर त्वरित कार्रवाई की गई। इसके बाद संबंधित बैंक और इंटरमीडियरी के सहयोग से 40,589 रुपये की पूरी राशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।
पैसे वापस मिलने पर पुलिस का जताया आभार
धनराशि वापस मिलने के बाद पीड़ित ने खुशी जताते हुए गोण्डा पुलिस का धन्यवाद किया। पुलिस का कहना है कि समय रहते शिकायत दर्ज कराने के कारण धनराशि वापस कराना संभव हो सका।

साइबर ठगी होने पर तुरंत करें यह काम
गोण्डा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होती है तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस के अनुसार सूचना देने में देरी होने पर साइबर अपराधी खाते से धन निकाल सकते हैं, जिससे रकम वापस मिलने की संभावना काफी कम हो जाती है।
पुलिस ने जारी की साइबर सुरक्षा संबंधी सलाह
पुलिस ने नागरिकों से ऑनलाइन लेन-देन में सतर्कता बरतने की अपील की है। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड या आधार कार्ड की जानकारी साझा न करें। इसके अलावा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें, केवल सुरक्षित वेबसाइटों से ऑनलाइन खरीदारी करें और किसी भी साइबर अपराध की जानकारी तुरंत पुलिस एवं संबंधित बैंक को दें।

