रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम : सशक्त नारी-सशक्त राष्ट्र ” विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन

बरेली, 19अप्रैल।रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग द्वारा माननीय कुलपति जी की प्रेरणा से कल “नारी शक्ति वंदन अधिनियम : सशक्त नारी–सशक्त राष्ट्र” विषय पर एक विचार गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

इस अवसर पर संकायाध्यक्ष डॉ. विजय बहादुर सिंह यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने आशीर्वचन प्रदान करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया तथा इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजनों की आवश्यकता और महत्ता पर प्रकाश डाला। प्राचीन इतिहास और संस्कृति विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रिया सक्सेना ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में नारी की सहभागिता अत्यंत व्यापक और गौरवपूर्ण रही है—वेदों की ऋचाओं की रचना से लेकर शासन संचालन तथा संविधान निर्माण तक नारी ने हर क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। इसके उपरांत अर्थशास्त्र विभाग की डॉ. रुचि द्विवेदी ने निर्णायक की भूमिका में प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया तथा विषय की समसामयिक महत्ता पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में सभी के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विषय पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में एम.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा श्रद्धा शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि शिवानी कश्यप एवं परिणीता सिंह संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान पर रहीं। जूली शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। एम.ए.द्वितीय वर्ष के छात्र दीपांशु दीप जिन्होंने हाल ही में आयोजित हुई राष्ट्रीय युवा संसद में प्रतिभाग किया, ने विभाग में आयोजित गोष्ठी में भाग लिया और वक्तव्य प्रस्तुत किया।
उक्त प्रतियोगिता में अन्य प्रतिभागियों के रूप में श्वेता शर्मा, ललिता सिंह, दीपक मौर्य, मोहित शर्मा,लवी शर्मा, दिपांशु शर्मा, पल्लवी भारती, शिवम गंगवार, साबिया बी, सुची मिश्रा, खुशनाज़, भाग्यश्री, रुचि आदि छात्र-छात्राओं ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए।”

कार्यक्रम में डॉ. पवन कुमार सिंह, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. पिंकी गुप्ता एवं डॉ. मोहित मिश्रा उपस्थित रहे ।इस अवसर पर मंच संचालन डॉ. पिंकी गुप्ता द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मोहित मिश्रा द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में विभाग की ओर से सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया गया। यह गोष्ठी न केवल छात्र-छात्राओं के बौद्धिक विकास के लिए उपयोगी सिद्ध हुई, बल्कि सशक्त नारी के माध्यम से सशक्त राष्ट्र निर्माण की भावना को भी सुदृढ़ करने में सहायक रही। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
