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पीएम मोदी की ईंधन बचत अपील का दिखने लगा बड़ा असर, मुख्यमंत्रियों से लेकर केंद्रीय मंत्रियों तक ने घटाए काफिले; कई राज्यों में बदला सरकारी कामकाज का तरीका

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और अनावश्यक खर्चों में कटौती की अपील का असर अब केंद्र से लेकर राज्यों तक साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोल-डीजल के सीमित इस्तेमाल, जीवनशैली में बदलाव और सरकारी संसाधनों के नियंत्रित उपयोग को लेकर प्रधानमंत्री की अपील के बाद कई मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री अपने काफिलों में गाड़ियों की संख्या कम कर रहे हैं। इसके साथ ही सरकारी बैठकों और यात्राओं के तरीके में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से ईंधन की बचत करने, गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करने और विदेश यात्राओं को टालने की अपील की थी। उन्होंने एक साल तक सोना न खरीदने का भी सुझाव दिया था। इसके बाद खुद प्रधानमंत्री ने अपने काफिले में 50 प्रतिशत तक कटौती करने का फैसला लिया। साथ ही काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने पर भी जोर दिया गया है। हालांकि इसके लिए नई गाड़ियों की खरीद नहीं की जाएगी, बल्कि मौजूदा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जाएगा। प्रधानमंत्री की सुरक्षा संभालने वाली एजेंसी भी इस दिशा में तैयारी में जुट गई है।

अमित शाह और नितिन गडकरी ने भी दिखाई पहल

प्रधानमंत्री की अपील के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम करने का संकेत दिया है। हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर संख्या तय नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि उनके काफिले में भी बड़ी कटौती हो सकती है। वहीं केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बस से यात्रा करने का ऐलान कर अलग संदेश देने की कोशिश की है।

दिल्ली सरकार ने सीमित किए सरकारी वाहन

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विभागीय कार्यों में सरकारी वाहनों के सीमित उपयोग का फैसला लिया है। सरकार का उद्देश्य ईंधन की बचत के साथ-साथ गैर-जरूरी सरकारी खर्चों को नियंत्रित करना है। इसके अलावा दिल्ली सरकार के कई मंत्री भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या घटा दी है। वहीं मंत्री आशीष सूद ने इलेक्ट्रिक कार का उपयोग शुरू किया है और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी है। मंत्री कपिल मिश्रा मेट्रो से यात्रा कर कार्यालय पहुंचे और उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर ही सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।

योगी आदित्यनाथ ने काफिलों में 50 प्रतिशत कटौती के दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बड़ा फैसला लेते हुए अपने और मंत्रियों के काफिलों में करीब 50 प्रतिशत तक कटौती करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में गैर-जरूरी वाहनों को हटाया जाए।

मुख्यमंत्री योगी ने डिजिटल माध्यमों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया है। उन्होंने सरकारी बैठकों, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और कार्यशालाओं को अधिक से अधिक वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” लागू करने का सुझाव भी दिया गया है।

बिहार सरकार ने भी शुरू की बचत मुहिम

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी ईंधन बचत अभियान को लेकर अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश के तहत सरकारी काफिलों में वाहनों की संख्या कम की जाएगी। साथ ही जनप्रतिनिधियों से अतिरिक्त वाहनों के उपयोग को सीमित करने की अपील की गई है।

सरकार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें करने, सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं।

राजस्थान, हरियाणा और गुजरात में भी दिखा असर

राजस्थान और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने काफिलों की संख्या कम कर दी है। केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल से मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के काफिलों में पहले की तुलना में काफी कम वाहन नजर आए।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया जाएगा। उन्होंने गैर-जरूरी कार्यक्रमों को छोटा करने या रद्द करने की बात भी कही है।

वहीं गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी अपने काफिले को पहले की तुलना में छोटा कर दिया है।

महाराष्ट्र में विदेश यात्राओं पर नियंत्रण

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी अपने काफिले से गाड़ियों की संख्या कम करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने विदेश यात्राओं पर नियंत्रण, वर्चुअल बैठकों को प्राथमिकता और मंत्री स्तर की मंजूरी जैसी व्यवस्थाएं लागू की हैं।

महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने भी अपने काफिले में कटौती की है और कुछ आधिकारिक यात्राएं रद्द कर दी हैं।

मोहन यादव ने घटाईं काफिले की गाड़ियां

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी सख्त निर्देश जारी करते हुए वाहन रैलियों पर रोक लगाने और अनावश्यक जाम से बचने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद कई मंत्रियों ने अपने काफिले छोटे कर लिए हैं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटा दी है। पहले उनके काफिले में 13 गाड़ियां शामिल थीं, जिन्हें घटाकर अब 8 कर दिया गया है।

देशभर में दिख रहा प्रशासनिक बदलाव

प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद देशभर में ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी खर्चों में कटौती को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक अभियान शुरू होता दिखाई दे रहा है। फिलहाल इस पहल में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि अन्य दलों की सरकारें और नेता इस अभियान में किस तरह की भूमिका निभाते हैं।

 

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