बूंदी रायता समझ रहे हैं हेल्दी? डाइटीशियन ने बताया कैसे बढ़ा सकता है वजन और बिगाड़ सकता है फिटनेस प्लान
नई दिल्ली: गर्मियों के मौसम में रायता खाने का चलन काफी बढ़ जाता है। खासतौर पर बूंदी रायता लोगों की पसंदीदा डिश में शामिल रहता है। दही, भुना जीरा और काली मिर्च के साथ तैयार किया गया बूंदी रायता स्वाद में भले ही बेहतरीन लगता हो, लेकिन इसे हेल्दी मानना आपकी बड़ी गलती साबित हो सकती है। हाल ही में एक डाइटीशियन ने चेतावनी दी है कि बूंदी रायता जैसी चीजें वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।
डाइटीशियन ने बताया क्यों बढ़ सकता है वजन

डॉ. गीतिका चोपड़ा ने एक पॉडकास्ट में बताया कि लोग अक्सर भारतीय खाने में मौजूद ‘हिडन कैलोरीज’ को पहचान नहीं पाते। उनके मुताबिक, बूंदी बेसन से बनाई जाती है और इसे डीप फ्राई किया जाता है, जिसकी वजह से इसमें फैट और कैलोरी की मात्रा काफी ज्यादा हो जाती है।
उन्होंने बताया कि जब इस तली हुई बूंदी को दही के साथ मिलाया जाता है, तो लोग पूरी डिश को हेल्दी समझ लेते हैं, जबकि वास्तव में यह हाई-कैलोरी फूड बन जाता है। यही कारण है कि नियमित रूप से अधिक मात्रा में बूंदी रायता खाने से वजन बढ़ सकता है।
क्या होता है ‘नेगेटिव कैलोरी इल्यूजन’?
यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, जब किसी अनहेल्दी या तली हुई चीज को दही जैसी हेल्दी चीज के साथ देखा जाता है, तो लोगों को पूरी डिश कम कैलोरी वाली लगने लगती है। साइकोलॉजी में इसे ‘नेगेटिव कैलोरी इल्यूजन’ कहा जाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यही सोच लोगों को जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने की ओर धकेल देती है, जिससे वेट लॉस की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है या वजन बढ़ने लगता है।
वजन घटाने वालों के लिए कौन सा रायता बेहतर

डाइटीशियन का कहना है कि अगर आप वजन कम करना चाहते हैं और डाइजेशन बेहतर रखना चाहते हैं, तो रायते का चुनाव समझदारी से करना जरूरी है। बूंदी रायते की जगह खीरा, लौकी या पुदीना वाला रायता बेहतर विकल्प हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सब्जियों से बने रायते में फाइबर और पानी की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और अनावश्यक भूख कम लगती है।
सब्जियों वाला रायता कैसे करता है मदद
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, खीरे और लौकी जैसे विकल्प शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। इनमें कैलोरी कम और पोषक तत्व ज्यादा होते हैं। साथ ही, फाइबर की मौजूदगी मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में भी सहायक मानी जाती है।
डाइटीशियन का कहना है कि खानपान में छोटे-छोटे बदलाव लंबे समय में बड़ा फर्क ला सकते हैं। ऐसे स्मार्ट फूड विकल्प वजन नियंत्रण और बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में मददगार साबित हो सकते हैं।
