आईवीआरआई में “BASiC–2026” : विकसित भारत@2047 के लिए जैव विज्ञान आधारित राष्ट्रीय महाकुंभ

बरेली,29 मई।आईसीएआर–भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर द्वारा “BASiC–2026 : भारतीय एनिमल साइंस कॉन्क्लेव एवं साइंस एक्सपो” का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) तथा ब्रिज विज्ञान भारती (विभा- ब्रिज प्रांत) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है ।
कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए संयुक्त निदेशक, शोध डॉ एस. के सिंह ने बताया कि यह राष्ट्रीय स्तर का एक भव्य वैज्ञानिक मंच होगा, जिसका उद्देश्य जैव विज्ञान, विशेषकर पशु एवं पशु चिकित्सा विज्ञान के माध्यम से “विकसित भारत@2047” के निर्माण हेतु सतत विकास की दिशा में वैज्ञानिक नवाचारों, पारंपरिक ज्ञान तथा आधुनिक प्रौद्योगिकियों को एक साथ जोड़ना है। इस कॉन्क्लेव की केंद्रीय थीम “परंपरा से प्रौद्योगिकी तक: विकसित भारत@2047 के लिए जैव विज्ञान का मार्ग” रखी गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की समृद्ध पारंपरिक ज्ञान प्रणाली एवं स्वदेशी तकनीकी ज्ञान (आईटीके) को पशु एवं पशु चिकित्सा विज्ञान की अत्याधुनिक तकनीकों के साथ समन्वित करना है। यह आयोजन माननीय प्रधानमंत्री की उस दूरदर्शी सोच को भी प्रतिबिंबित करता है, जिसमें विज्ञान एवं समाज के मध्य की दूरी को कम करते हुए आधुनिक तकनीकों का लाभ देश के प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाने पर बल दिया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरदार बल्लभ भाई पटेल के कुलपति डॉ त्रिवेणी दत्त रहेंगे ।
आयोजन सचिव डॉ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि BASiC–2026 में देशभर के वैज्ञानिकों, पशु चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, उद्यमियों, किसानों, उद्योग प्रतिनिधियों, स्टार्टअप्स, गैर-सरकारी संगठनों तथा नीति निर्माताओं को एक साझा मंच पर लाया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों, युवा वैज्ञानिक सम्मेलन तथा छात्र-वैज्ञानिक संवाद के माध्यम से प्रयोगशाला, खेत, उद्योग एवं नीति-निर्माण क्षेत्रों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा ज्ञान-विनिमय को प्रोत्साहित किया जाएगा।
आयोजन सचिव डॉ प्रवीण सिंह ने इस अवसर पर कहा कि कॉन्क्लेव का प्रमुख आकर्षण “यंग साइंटिस्ट कॉन्क्लेव (YSC)” होगा, जिसका उद्देश्य युवा वैज्ञानिकों, पशु एवं पशु चिकित्सा विशेषज्ञों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा नवप्रवर्तकों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। इस सम्मेलन के माध्यम से प्रतिभागियों को भारत की प्राचीन वैज्ञानिक परंपराओं एवं आधुनिक विज्ञान की उपलब्धियों से परिचित कराया जाएगा तथा मौखिक एवं पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए उच्च स्तरीय मंच उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डाटा विज्ञान, नैनो विज्ञान तथा उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे अग्रणी क्षेत्रों में युवाओं को प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस अवसर पर ब्रिज विज्ञान भारती (विभा- ब्रिज प्रांत) के श्री आशुतोष जी द्वारा भी इस कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया गया ।
कार्यक्रम में निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे—
1. पशु स्वास्थ्य, पशु कल्याण एवं सामुदायिक सेवाओं का रूपांतरण
2. वन हेल्थ, जैव सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा एवं एंटीमाइक्रोबियल प्रबंधन
3. आधारभूत एवं अनुप्रयुक्त जैव विज्ञान : अणुओं से प्रिसीजन थैरेपी तक
4. सतत पशुधन प्रणाली : उत्पादन, प्रसंस्करण एवं समावेशी मूल्य श्रृंखला
5. पर्यावरण एवं जलवायु अनुकूल पशु उत्पादन प्रणाली
6. परंपरा से प्रौद्योगिकी : स्वदेशी ज्ञान, प्रकृति आधारित समाधान एवं डिजिटल/एआई आधारित प्रिसीजन लाइवस्टॉक फार्मिंग
इस राष्ट्रीय आयोजन के मुख्य संरक्षकों में डॉ. मांगी लाल जाट, सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग तथा महानिदेशक, आईसीएआर; श्री नरेश पाल गंगवार, सचिव, मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय; प्रो. पंजाब सिंह; डॉ. विजय पी. भटकर; डॉ. शेखर सी. मांडे; डॉ. शिव कुमार शर्मा तथा श्री प्रवीण रामदास शामिल हैं।
कार्यक्रम के संरक्षकों में डॉ. राघवेंद्र भट्टा, उप महानिदेशक (पशु विज्ञान), आईसीएआर; डॉ. डी.वी.आर. प्रकाश राव; डॉ. बी. महेश्वरप्पा नवीन; डॉ. अरविंद सी. रानाडे; डॉ. उमेश चंद्र शर्मा तथा डॉ. मनोज कुमार रावत प्रमुख हैं।
राष्ट्रीय सलाहकार समिति में देश के विभिन्न कृषि, पशु चिकित्सा एवं तकनीकी विश्वविद्यालयों के कुलपति, संस्थान निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक सम्मिलित हैं, जिनमें प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी, डॉ. अभिजीत मित्रा, डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. धीर सिंह, प्रो. के.पी. सिंह, डॉ. संजीव गुप्ता, प्रो. शिवेंद्र कुमार कश्यप सहित अनेक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् एवं वैज्ञानिक शामिल हैं।
कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र भट्टा, उप महानिदेशक (पशु विज्ञान) एवं निदेशक, आईसीएआर-आईवीआरआई, इज्जतनगर हैं। आयोजन संयोजक डॉ. एस.के. सिंह, संयुक्त निदेशक (शोध ) हैं। सह-अध्यक्षों में डॉ. एस.के. मेंदीरत्ता, डॉ. रूपसी तिवारी, डॉ. पल्लव चौधरी, डॉ. यशपाल सिंह मलिक एवं डॉ. सोहिनी डे शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त आयोजन समिति में संस्थान के विभिन्न विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक एवं समन्वयक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आयोजन सचिव प्रो. राघवेंद्र सिंह, डॉ प्रणव धर एवं डॉ. प्रवीण सिंह हैं, जबकि सह-आयोजन सचिव के रूप में डॉ. हरिओम पांडेय, डॉ. अजय कुमार, डॉ. सुनील ई. जाधव, डॉ. संध्या अग्रवाल एवं डॉ. अखिलेश कुमार कार्य कर रहे हैं।
BASiC–2026 के माध्यम से विज्ञान, समाज एवं उद्योग के बीच सशक्त सहभागिता स्थापित करते हुए विकसित भारत के निर्माण हेतु जन-केंद्रित वैज्ञानिक साझेदारी को नई दिशा प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

