बीबीएयू में एडमिशन प्रक्रिया को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस, कुलपति ने छात्रों के लिए नई शैक्षणिक और अधोसंरचनात्मक योजनाओं का किया ऐलान

लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया को लेकर गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश प्रक्रिया, नए शैक्षणिक कार्यक्रमों और विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू, कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, एडमिशन सेल समिति के अध्यक्ष प्रो. अमित कुमार सिंह और जनसंपर्क अधिकारी डॉ. रचना गंगवार भी मौजूद रहीं।
रोजगारोन्मुखी और कौशल आधारित शिक्षा पर जोर
कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुखी और समग्र शिक्षा प्रदान करना है। इसी दिशा में कौशल आधारित पाठ्यक्रमों और वैल्यू एडेड कोर्सों का लगातार विस्तार किया जा रहा है, ताकि छात्र बदलती वैश्विक जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
उन्होंने बताया कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसके सितंबर तक पूरा होने की संभावना है।
अमेठी परिसर में होंगे बड़े विकास कार्य
कुलपति ने बताया कि अमेठी परिसर में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सुविधाओं का विस्तार, लाइव लेक्चर सिस्टम, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, छात्रावासों में सीटों की संख्या बढ़ाना, विशेषकर बालिका छात्रावास का विस्तार, 24 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए सब-स्टेशन की स्थापना, 60 कंप्यूटरों से सुसज्जित आधुनिक कंप्यूटर लैब और नए वाटर कूलरों की स्थापना शामिल है।
नेट-जीरो कार्बन कैंपस बनाने की दिशा में पहल
लखनऊ परिसर के विकास पर चर्चा करते हुए प्रो. मित्तल ने कहा कि विश्वविद्यालय को नेट-जीरो कार्बन कैंपस के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके तहत जैव विविधता संरक्षण, कागज और ई-वेस्ट के वैज्ञानिक पुनर्चक्रण, हर्बल गार्डन के व्यावसायिक विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने की योजनाएं संचालित हैं।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में लगभग 200 कंप्यूटरों से युक्त नई कंप्यूटर लैब स्थापित की जा रही है। साथ ही हॉबी क्लबों, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, छात्रावासों के सुदृढ़ीकरण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
एआई, रिसर्च और एनआरआई कोटा पर विशेष फोकस
कुलपति ने बताया कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रमों में एनआरआई कोटा को बढ़ावा देने की योजना है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सुविधाओं की स्थापना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में पीजी डिप्लोमा कार्यक्रम, उच्च गुणवत्ता वाले शोध जर्नलों का प्रकाशन और उद्योग जगत के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रवेश प्रक्रिया को लेकर छात्रों को दी गई जानकारी
एडमिशन सेल समिति के अध्यक्ष प्रो. अमित कुमार सिंह ने विश्वविद्यालय में संचालित स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने सीयूईटी और गैर-सीयूईटी आधारित प्रवेश प्रक्रिया, सेल्फ फाइनेंस्ड और कौशल आधारित कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से समय पर आवेदन करने और केवल विश्वविद्यालय की आधिकारिक प्रवेश प्रक्रिया का पालन करने की अपील की।
55 सीयूईटी और 10 गैर-सीयूईटी पाठ्यक्रमों में प्रवेश जारी
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 55 सीयूईटी-पीजी आधारित और 10 गैर-सीयूईटी पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। देशभर के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन कर रहे हैं और विश्वविद्यालय को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
विश्वविद्यालय में एमए, एमएससी, इंटीग्रेटेड एमएससी, एमबीए, एमसीए, एमएड, एलएलएम, एमटेक सहित विभिन्न विषयों के स्नातकोत्तर कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध के अवसर और बेहतर करियर संभावनाएं उपलब्ध कराना है।
जानिए आवेदन की अंतिम तिथि और शुल्क
सीयूईटी-पीजी आधारित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया 14 मई 2026 से शुरू होकर 7 जून 2026 तक चलेगी। विलंब शुल्क के साथ अभ्यर्थी 13 जून 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।
वहीं गैर-सीयूईटी पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन प्रक्रिया 25 मई 2026 से शुरू होकर 24 जून 2026 तक जारी रहेगी। लेट फीस के साथ आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है। जबकि एससी, एसटी और दिव्यांगजन अभ्यर्थियों को 300 रुपये शुल्क जमा करना होगा। निर्धारित तिथि के बाद आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों से 1000 रुपये विलंब शुल्क लिया जाएगा।
