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भारत को बड़ी राहत! होर्मुज खुलते ही LNG सप्लाई पटरी पर, कतर बढ़ाएगा उत्पादन; गैस संकट कम होने की उम्मीद

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट के दोबारा खुलने से भारत के लिए राहत भरी खबरें सामने आ रही हैं। एक ओर लंबे समय से रुकी तेल और गैस आपूर्ति फिर से शुरू होने लगी है, वहीं दूसरी ओर दुनिया के प्रमुख एलएनजी निर्यातक देशों में शामिल कतर ने भी गैस उत्पादन बढ़ाने के संकेत दिए हैं। इन दोनों घटनाक्रमों को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से एलएनजी लेकर आने वाला पहला जहाज सुरक्षित रूप से आगे बढ़ चुका है। इसके साथ ही दर्जनों अन्य जहाजों की आवाजाही का रास्ता भी साफ हो गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है।

कतर बढ़ाएगा गैस उत्पादन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी ने अपने ग्राहकों को संकेत दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य परिस्थितियां बहाल होने के बाद वह चरणबद्ध तरीके से एलएनजी उत्पादन बढ़ाएगी।

बताया जा रहा है कि सुरक्षित संचालन शुरू होने के लगभग एक महीने के भीतर उत्पादन क्षमता को करीब 50 प्रतिशत तक बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अगले महीने उत्पादन को लगभग 80 प्रतिशत क्षमता तक पहुंचाने की योजना है। यदि यह लक्ष्य हासिल होता है तो वैश्विक बाजार में गैस की उपलब्धता तेजी से बढ़ सकती है।

भारत के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर एलएनजी आयात करता है और कतर उसके प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से गैस आपूर्ति से जुड़े समझौते लागू हैं।

ऐसे में कतर से अतिरिक्त एलएनजी उपलब्ध होने का सीधा लाभ भारत को मिल सकता है। इससे बिजली उत्पादन, औद्योगिक गतिविधियों और शहरी गैस वितरण नेटवर्क पर दबाव कम होने की संभावना है। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में आपूर्ति संबंधी चिंताएं भी घट सकती हैं।

संघर्ष के कारण प्रभावित हुई थी आपूर्ति

पिछले कुछ महीनों के दौरान पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और क्षेत्रीय संघर्षों की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। इसके चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई थी और एलएनजी आपूर्ति पर भी असर पड़ा था।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के दोबारा खुलने से तेल और गैस दोनों की वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी।

दुनिया का सबसे बड़ा LNG निर्यात केंद्र फिर होगा सक्रिय

कतर का रास लाफान एलएनजी कॉम्प्लेक्स दुनिया की सबसे बड़ी गैस निर्यात सुविधाओं में गिना जाता है। वैश्विक एलएनजी आपूर्ति में इसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी मानी जाती है। हालांकि क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के कारण हाल के महीनों में इसके संचालन पर असर पड़ा था।

युद्ध और सुरक्षा संबंधी घटनाओं के दौरान गैस टर्मिनलों का संचालन सीमित करना पड़ा, जिससे वैश्विक बाजार में गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई थी।

पूरी बहाली में लग सकता है समय

हालांकि उत्पादन बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि संयंत्रों की पूर्ण क्षमता तक वापसी में अभी समय लगेगा। कुछ उत्पादन इकाइयों को हुए नुकसान की मरम्मत और पुनर्बहाली एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है।

इसके बावजूद कम समय में उत्पादन क्षमता को 50 प्रतिशत और फिर 80 प्रतिशत तक पहुंचाने की योजना को ऊर्जा बाजार सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहा है।

क्या सस्ती हो सकती है गैस?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह सामान्य रूप से संचालित होता है और कतर नियोजित स्तर तक उत्पादन बढ़ाने में सफल रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय एलएनजी कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।

ऐसी स्थिति में भारत को न केवल बेहतर आपूर्ति मिलेगी, बल्कि ऊर्जा लागत में भी राहत मिलने की संभावना बन सकती है। इससे घरेलू ऊर्जा क्षेत्र और उद्योगों को भी फायदा हो सकता है।

ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा मजबूती का सहारा

होर्मुज स्ट्रेट के खुलने और कतर द्वारा उत्पादन बढ़ाने की तैयारी को भारत के लिए दोहरी राहत माना जा रहा है। इससे गैस आपूर्ति में स्थिरता आने, बाजार में अनिश्चितता कम होने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

 

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