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‘इतने पर्यटक हमारे लिए अच्छे नहीं…’ इल्तिजा मुफ्ती के बयान से सियासी हलचल, कश्मीर में पर्यटन वाहनों पर सीमा तय करने की मांग

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या और सड़कों पर बढ़ते वाहनों के दबाव को लेकर पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि घाटी में बढ़ रहे पर्यटक वाहनों की संख्या पर्यावरण और कश्मीर की संकरी सड़कों के लिए चुनौती बनती जा रही है। साथ ही सरकार से पर्यटन वाहनों की अधिकतम संख्या तय करने की मांग की है।

इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि कश्मीर में हर तरफ वाहनों की भीड़ दिखाई दे रही है। उनके मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में पर्यटक वाहन घाटी के पर्यावरण और सड़क ढांचे पर अतिरिक्त दबाव डाल रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मुद्दे पर जल्द कोई निर्णय लेगी।

अमरनाथ यात्रा से पहले बयान पर बढ़ा विवाद

इल्तिजा का यह बयान ऐसे समय आया है जब श्रीअमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राजनीतिक हलकों में उनके बयान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खास बात यह है कि यह प्रतिक्रिया उनकी मां और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के उस बयान के दो दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कश्मीरियों से अमरनाथ यात्रियों का परिवार के सदस्यों की तरह स्वागत करने की अपील की थी।

बुलेवार्ड-निशात मार्ग पर बढ़ा ट्रैफिक बना चिंता का विषय

इल्तिजा मुफ्ती का कहना है कि इस वर्ष श्रीनगर, खासकर बुलेवार्ड-निशात मार्ग पर यातायात का दबाव अचानक बढ़ा है। इसके पीछे एक प्रमुख कारण यह बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में पर्यटक हवाई यात्रा के बजाय अपनी निजी गाड़ियों से कश्मीर पहुंच रहे हैं। उनका मानना है कि पहले से ट्रैफिक जाम की समस्या झेल रही घाटी की सड़कों और संवेदनशील पर्यावरण को देखते हुए पर्यटक वाहनों की संख्या पर सीमा तय करने की जरूरत है।

भाजपा ने बताया अवसरवादी राजनीति

इल्तिजा मुफ्ती के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता परिमोक्ष सेठ ने कहा कि यह बयान पीडीपी की अवसरवादी राजनीति और दोहरे रवैये को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब जम्मू-कश्मीर का पर्यटन उद्योग नई ऊंचाइयों को छू रहा है और हजारों परिवारों की आजीविका पर्यटन पर निर्भर है, तब पर्यटकों को समस्या के रूप में पेश करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

परिमोक्ष सेठ ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भी रिकॉर्ड संख्या में पर्यटकों का घाटी की ओर रुख करना इस बात का संकेत है कि देशभर के लोगों का जम्मू-कश्मीर में शांति, सुरक्षा और विकास पर भरोसा मजबूत हुआ है।

‘सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश’

भाजपा नेता ने आगे कहा कि इल्तिजा मुफ्ती और उनके जैसे कुछ नेता लगातार ऐसे बयान देकर जम्मू-कश्मीर की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार, पर्यटक राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और पर्यटन क्षेत्र से हजारों परिवारों को रोजगार मिल रहा है।

पहले भी उठ चुके हैं ऐसे सवाल

कश्मीर में बढ़ते पर्यटन को लेकर इससे पहले भी राजनीतिक स्तर पर चिंता जताई जा चुकी है। पिछले वर्ष नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने भी बढ़ते पर्यटन को कश्मीर की सांस्कृतिक पहचान के लिए चुनौती बताया था। उनके बयान पर भी उस समय व्यापक राजनीतिक बहस देखने को मिली थी।

 

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