Wednesday, June 17, 2026
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BBAU ने रचा नया इतिहास! SWAYAM पर लॉन्च हुआ हिन्दी साहित्य का ऑनलाइन कोर्स, अब देश-विदेश के छात्र उठा सकेंगे लाभ

लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) ने डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग और इलेक्ट्रॉनिक मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर (मीडिया सेंटर), लखनऊ के संयुक्त प्रयासों से तैयार किया गया SWAYAM ऑनलाइन पाठ्यक्रम “हिन्दी साहित्य का इतिहास (आधुनिक काल)” अब भारत सरकार के प्रतिष्ठित SWAYAM प्लेटफॉर्म पर शिक्षार्थियों के लिए उपलब्ध हो गया है। इस उपलब्धि के साथ बीबीएयू ने ऑनलाइन शिक्षा और हिन्दी साहित्य के प्रसार में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

यह पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल के दिशा-निर्देशन तथा मीडिया सेंटर के निदेशक (प्रभारी) प्रो. गोपाल सिंह और हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. रामपाल गंगवार के मार्गदर्शन में विकसित किया गया है। अब देश और विदेश के विद्यार्थी, शोधार्थी, शिक्षक तथा हिन्दी साहित्य में रुचि रखने वाले शिक्षार्थी इस पाठ्यक्रम में ऑनलाइन नामांकन कर सकते हैं।

आधुनिक हिन्दी साहित्य का मिलेगा व्यापक ज्ञान

इस ऑनलाइन पाठ्यक्रम में आधुनिक हिन्दी साहित्य के इतिहास, प्रमुख साहित्यकारों, साहित्यिक आंदोलनों, साहित्यिक प्रवृत्तियों तथा विभिन्न साहित्यिक विधाओं से संबंधित समग्र और व्यवस्थित अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। पाठ्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि शिक्षार्थियों को विषय की गहन और प्रामाणिक जानकारी एक ही मंच पर प्राप्त हो सके।

कुलपति बोले- डिजिटल शिक्षा को मिलेगी नई मजबूती

इस अवसर पर कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने पाठ्यक्रम निर्माण से जुड़े सभी शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों और तकनीकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और डिजिटल शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि SWAYAM जैसे मंच विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक व्यापक पहुंच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इससे ‘कहीं भी, कभी भी सीखने’ की अवधारणा को और अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि बीबीएयू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को साकार करने के लिए तकनीक आधारित शिक्षण संसाधनों के विकास पर लगातार कार्य कर रहा है।

मीडिया सेंटर की भूमिका रही अहम

मीडिया सेंटर के निदेशक (प्रभारी) प्रो. गोपाल सिंह ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि विकसित किया गया SWAYAM पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और डिजिटल शिक्षा के प्रति उसकी गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना को सफल बनाने में शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों और तकनीकी विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

CEC की स्वीकृति के बाद तैयार हुआ पाठ्यक्रम

उल्लेखनीय है कि इस पाठ्यक्रम के प्रस्ताव को पूर्व में कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन (सीईसी), नई दिल्ली द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके बाद ईएमएमआरसी (मीडिया सेंटर), लखनऊ ने वीडियो व्याख्यानों की रिकॉर्डिंग, संपादन, ई-कंटेंट निर्माण और तकनीकी समन्वय का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया।

वीडियो लेक्चर, क्विज और मूल्यांकन की भी सुविधा

पाठ्यक्रम में विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा तैयार वीडियो व्याख्यान, अध्ययन सामग्री, क्विज़ और मूल्यांकन की सुविधाएं शामिल की गई हैं। इससे शिक्षार्थियों को अपनी सुविधा और समय के अनुसार अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह पाठ्यक्रम हिन्दी साहित्य के अध्ययन और शोध को नई दिशा प्रदान करेगा तथा देशभर के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को मिलेगा बल

यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को डिजिटल माध्यम से अधिकाधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विश्वविद्यालय को उम्मीद है कि यह पाठ्यक्रम हिन्दी भाषा और साहित्य के अध्ययन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में मददगार साबित होगा।

 

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