Top Newsउत्तर प्रदेशराज्य

BBAU में राष्ट्रीय मीडिया कार्यशाला का समापन: निष्पक्ष पत्रकारिता, एआई और फेक न्यूज पर मंथन, विशेषज्ञों ने दिए अहम संदेश

लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग तथा अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया कार्यशाला का समापन हो गया। समापन सत्र में मीडिया की बदलती चुनौतियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, फेक न्यूज, तथ्यपरक पत्रकारिता और भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से विचार साझा किए।

कुलपति बोले- तथ्यपरक और उत्तरदायी पत्रकारिता ही विश्वसनीयता की पहचान

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि आज मीडिया समाज की चेतना, जनमत निर्माण और सूचना प्रसार का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। ऐसे में मीडिया से जुड़े विद्यार्थियों और पेशेवरों के लिए नई तकनीकों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और बदलते मीडिया परिदृश्य को समझना बेहद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग विवेक, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ होना चाहिए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी आधुनिक तकनीकें पत्रकारिता को अधिक प्रभावी बना सकती हैं, लेकिन उनका उपयोग मानवीय मूल्यों और उद्देश्यपूर्ण दृष्टिकोण के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से भारतीय ज्ञान परंपरा, सामाजिक सरोकार और राष्ट्रहित को केंद्र में रखकर जिम्मेदार पत्रकारिता करने का आह्वान किया।

सही और प्रमाणिक जानकारी समाज तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत

कार्यशाला के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अम्बेकर ने कहा कि सूचना के वर्तमान दौर में समाज तक सही, तथ्यपरक और प्रमाणिक जानकारी पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तथ्य आधारित संवाद ही भ्रामक सूचनाओं और फर्जी नैरेटिव से समाज की रक्षा कर सकता है।

उन्होंने मीडिया और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों से अपील की कि किसी भी सूचना का प्रसार करने से पहले उसकी पुष्टि अवश्य करें। साथ ही भारतीय जीवन मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत, स्वदेशी सोच और भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा व्यवस्था तथा व्यवहारिक जीवन में स्थान देने पर भी जोर दिया।

डिजिटल युग में मीडिया के बदलते स्वरूप पर हुई चर्चा

कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. के.जी. सुरेश ने आधुनिक मीडिया परिदृश्य और प्रभावी कंटेंट लेखन के मूल सिद्धांतों पर व्याख्यान दिया। उन्होंने ‘बीफोर गूगल’ और ‘आफ्टर गूगल’ के दौर की तुलना करते हुए बताया कि डिजिटल क्रांति ने सूचना के निर्माण, प्रसार और उपयोग के तरीकों में व्यापक बदलाव किया है।

फैक्ट चेक को बताया जिम्मेदार पत्रकारिता की सबसे बड़ी जरूरत

एक अन्य तकनीकी सत्र में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के डॉ. रवि सूर्यवंशी ने फैक्ट चेक विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को तथ्य जांच की विभिन्न प्रक्रियाओं, विश्वसनीय स्रोतों की पहचान और जिम्मेदार पत्रकारिता के महत्व से अवगत कराया।

वीडियो प्रस्तुति के साथ हुआ कार्यशाला का समापन

समापन अवसर पर आयोजन समिति की ओर से दो दिवसीय कार्यशाला के विभिन्न सत्रों, गतिविधियों और प्रमुख उपलब्धियों पर आधारित विशेष वीडियो का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रो. गीता भट्ट ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान प्रो. एन.एल. गुप्ता, जी. लक्ष्मण, प्रो. गोविंद जी. पाण्डेय, प्रो. संजय के. द्विवेदी सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के सदस्य उपस्थित रहे।

 

---------------------------------------------------------------------------------------------------