बिहार बनेगा AI पावरहाउस! Google-Microsoft के साथ बड़ा करार, कैबिनेट की मंजूरी से खुलेंगे रोजगार और टेक्नोलॉजी के नए रास्ते
पटना: बिहार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में एआई आधारित डिजिटल इकोसिस्टम विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, सर्वम और को-रोवर जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियां बिहार सरकार के साथ मिलकर काम करेंगी। कैबिनेट बैठक में कुल 46 प्रस्तावों पर मुहर लगी।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही इन तकनीकी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करेगी। इस पहल का उद्देश्य एआई तकनीक को आम नागरिकों और सरकारी तंत्र तक पहुंचाना, डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करना और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाना है।

कृषि से स्वास्थ्य तक AI का होगा इस्तेमाल
सरकार की योजना के अनुसार कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन प्रबंधन, पर्यटन, वित्तीय सेवाओं और जनसेवा वितरण जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। इससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और निर्णय प्रक्रिया को अधिक तेज एवं सटीक बनाने में मदद मिलेगी।
छात्रों और अधिकारियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
समझौतों के तहत सरकारी अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और मेडिकल कॉलेजों में एआई से जुड़े पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे। साथ ही प्रशिक्षकों को तैयार करने और शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा।
राज्य सरकार भारतीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों में एआई अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए भी सहयोग उपलब्ध कराएगी, जिससे तकनीक का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
स्टार्टअप और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
नई पहल के तहत बिहार में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने, नवाचार को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर विशेष फोकस रहेगा। इसके अलावा डेटा सुरक्षा, क्लाउड नीति निर्माण और नागरिक सेवाओं के लिए एकीकृत डेटा प्लेटफॉर्म विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार की गारंटी

कैबिनेट ने विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी विकसित भारत-जी राम जी योजना, बिहार-2026 को भी मंजूरी दी। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक पात्र परिवार को वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी मिलेगी। नई बिहार राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद योजना के क्रियान्वयन, निगरानी और शिकायत निवारण की जिम्मेदारी संभालेगी।
14 जिलों में बनेंगे 34 आवासीय छात्रावास
जनजातीय और अत्यंत कमजोर जनजातीय समुदायों के बच्चों की शिक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने 101.67 करोड़ रुपये की लागत से 34 आवासीय छात्रावासों के निर्माण और संचालन को मंजूरी दी है।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आठ जिलों में 19 छात्रावास बनाए जाएंगे, जबकि पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत छह जिलों में 15 नए छात्रावास स्थापित किए जाएंगे। इन छात्रावासों में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों को आवास, भोजन और शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
डेहरी बनेगा बिहार का 12वां सैटेलाइट टाउनशिप
राज्य सरकार ने रोहतास जिले के डेहरी को ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के रूप में विकसित करने का निर्णय भी लिया है। इसके साथ ही सीतामढ़ी, छपरा, मुजफ्फरपुर और भागलपुर आयोजना क्षेत्रों के विस्तार को मंजूरी दी गई है, जिससे शहरी विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।
शहरी विकास में बड़ा प्रशासनिक बदलाव
बिहार शहरी आयोजना एवं विकास नियमावली में संशोधन करते हुए अब प्रमंडलीय आयुक्त को आयोजना क्षेत्र प्राधिकार का पदेन अध्यक्ष और जिला पदाधिकारी को पदेन उपाध्यक्ष बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
