‘युवाओं को आतंकवादी बता रही मोदी सरकार’, राहुल गांधी का तीखा हमला; शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा
नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के एक बयान को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब निष्पक्ष परीक्षाओं और अपने अधिकारों की मांग करने वाले युवाओं को आतंकवादी बताने लगी है। उन्होंने शिक्षा मंत्री से इस्तीफे और देश के युवाओं से माफी मांगने की मांग की।

धर्मेंद्र प्रधान के बयान पर भड़के राहुल गांधी
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने हाल ही में नीट-यूजी पेपर लीक और अन्य परीक्षा विवादों को लेकर प्रदर्शन कर रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के प्रदर्शनकारियों को “दहशतगर्दों की बी-टीम” बताया था। इसी बयान को आधार बनाकर कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
‘निष्पक्ष परीक्षा मांगने वाले छात्रों को कहा जा रहा आतंकवादी’
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मोदी सरकार इस हद तक पहुंच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री आतंकवादी कह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
पेपर लीक और छात्रों की परेशानियों का उठाया मुद्दा
कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस व्यवस्था में कई पेपर लीक हुए, करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ और अनेक छात्र परेशान हुए, उसी व्यवस्था के जिम्मेदार लोग अब सवाल पूछने वालों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं पर जवाब देने के बजाय उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

‘जो सवाल पूछे, उसे देशद्रोही बता दो’
राहुल गांधी ने दावा किया कि यह पहली बार नहीं है जब सरकार आलोचकों पर इस तरह के आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को आंदोलनजीवी और परजीवी कहा गया, सवाल उठाने वालों को राष्ट्र विरोधी बताया गया और अब युवाओं को दहशतगर्द कहा जा रहा है। उनके अनुसार, सरकार की राजनीति सवाल पूछने वालों को निशाना बनाने पर आधारित है।
धर्मेंद्र प्रधान से मांगी माफी और इस्तीफे की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को देश के करोड़ों युवाओं से तुरंत माफी मांगनी चाहिए और अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवालों से वह पीछे नहीं हटेंगे।
‘शिक्षा व्यवस्था वसूली तंत्र बन गई है’
कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने पहले भी कोटा में शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी और आज भी अपने रुख पर कायम हैं। राहुल गांधी के अनुसार, मौजूदा शिक्षा व्यवस्था छात्रों के हितों की बजाय एक वसूली तंत्र में बदलती जा रही है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ निष्पक्ष परीक्षा मिलनी चाहिए और इस मुद्दे को वह लगातार उठाते रहेंगे।
