ऑस्ट्रेलिया का फिर विश्व क्रिकेट पर कब्जा, इंग्लैंड को फाइनल में रौंदकर रिकॉर्ड सातवीं बार जीता महिला टी20 वर्ल्ड कप
नई दिल्ली: महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित करते हुए इतिहास रच दिया। लंदन के प्रतिष्ठित लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मेजबान इंग्लैंड को सात विकेट से हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार महिला टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की।
नेट साइवर-ब्रंट और फ्रेया केम्प ने संभाली इंग्लैंड की पारी

टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 150 रन बनाए। शुरुआती बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके, लेकिन कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 58 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में पांच चौके लगाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
मध्यक्रम में फ्रेया केम्प ने भी तेज बल्लेबाजी करते हुए 28 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके और एक छक्का शामिल रहा। दोनों बल्लेबाजों के बीच पांचवें विकेट के लिए 80 रन की अटूट साझेदारी हुई, जिससे इंग्लैंड 150 रन तक पहुंचने में सफल रहा।
लिचफील्ड और मूनी की साझेदारी ने पलटा मुकाबला
151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने शुरुआती ओवर में पहला विकेट गंवा दिया। इसके बाद फोएबे लिचफील्ड और बेथ मूनी ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड को मैच से पूरी तरह बाहर कर दिया।
दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 100 रन की अहम साझेदारी की। फोएबे लिचफील्ड ने 35 गेंदों पर 48 रन बनाए, जिसमें छह चौके और दो छक्के शामिल रहे। वहीं बेथ मूनी ने बड़े मुकाबले में एक बार फिर अपनी क्लास दिखाते हुए 49 गेंदों पर 64 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में 10 चौके शामिल रहे।
पेरी और गार्डनर ने दिलाई आसान जीत

बेथ मूनी के आउट होने के बाद एलिस पेरी और एश्ले गार्डनर ने बिना किसी दबाव के बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को सात विकेट से जीत दिला दी। टीम ने लक्ष्य हासिल कर रिकॉर्ड सातवीं बार महिला टी20 विश्व कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
गेंदबाजों ने भी निभाई अहम भूमिका
ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी भी पूरे मुकाबले में संतुलित रही। टीम के चार अलग-अलग गेंदबाजों ने एक-एक विकेट हासिल किया और इंग्लैंड के बल्लेबाजों को बड़ी साझेदारी बनाने का मौका नहीं दिया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से इंग्लैंड निर्धारित 20 ओवर में 150 रन तक ही सीमित रहा।
पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही ऑस्ट्रेलिया
इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने महिला टी20 विश्व कप में अपना दबदबा और मजबूत कर दिया। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया और बल्लेबाजी, गेंदबाजी तथा क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। लॉर्ड्स में मिली यह जीत महिला क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया की निरंतर सफलता, गहराई और बड़े मुकाबलों में दबाव झेलने की क्षमता का एक और उदाहरण बन गई।
