Thursday, July 23, 2026
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‘युवाओं की आंखों में देखें PM मोदी’, खरगे का हमला; भाषण को बताया खोखला, रखीं तीन बड़ी मांगें

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें प्रदर्शन के दौरान घायल हुए युवाओं की आंखों में देखकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के मुद्दों पर गंभीर नहीं है और प्रधानमंत्री का हालिया संबोधन केवल खोखले उपदेशों तक सीमित है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश के युवाओं का कल्याण और हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

खरगे बोले- शिक्षा व्यवस्था खोखली हो चुकी है

परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मौजूदा शासन में शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो चुकी है और युवाओं को केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस जवाबदेही चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, पेलेट गन और बिजली का झटका देने वाली लाठियों का इस्तेमाल किया गया तथा उनके साथ कठोर व्यवहार किया गया।

‘दफ्तरों से बाहर आइए और युवाओं की आंखों में देखिए’

खरगे ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने कार्यालयों से बाहर निकलकर उन युवक-युवतियों की आंखों में देखना चाहिए, जो प्रदर्शन के दौरान घायल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों के साथ कठोर रवैया अपनाया है।

कांग्रेस ने सरकार के सामने रखीं तीन मांगें

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आंदोलन कर रहे युवाओं की तीन प्रमुख मांगें हैं। पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए। दूसरी, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई और कथित अत्याचार के लिए सरकार माफी मांगे। तीसरी, जिन लोगों को निशाना बनाया गया है, उन्हें न्याय दिलाया जाए।

बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

खरगे ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव स्थापित कर लिया है। उन्होंने आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण का हवाला देते हुए दावा किया कि युवाओं में बेरोजगारी बढ़कर 29 प्रतिशत हो गई है। उनके अनुसार निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर सीमित हैं, स्थायी सरकारी नौकरियां कम हैं और संविदा नियुक्तियों में लगातार वृद्धि हो रही है।

उन्होंने सवाल किया कि यदि युवाओं के लिए सभी रास्ते बंद हो गए हैं, तो वे अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग लेकर कहां जाएं।

वेणुगोपाल ने भी साधा निशाना

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने भी प्रधानमंत्री की टिप्पणी को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल बयान देने से युवा संतुष्ट नहीं होंगे। उनके अनुसार छात्रों की मांगें स्पष्ट हैं कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें, प्रधानमंत्री माफी मांगें और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।

 

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