यमन में हूतियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान, सऊदी हवाई हमलों के बीच मोचा पर कब्जे का दावा; बाब अल-मंदेब के पास भी बढ़ी सरकारी सेना

नई दिल्ली: यमन में ईरान समर्थित हूतियों के खिलाफ लड़ाई एक बार फिर तेज हो गई है। सऊदी अरब के समर्थन वाली यमन की सरकारी सेना ने सोमवार को लाल सागर के तट पर तेजी से आगे बढ़ने का दावा किया। यमन के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सरकारी बलों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास कई ठिकानों से हूती लड़ाकों को पीछे धकेल दिया है और मोचा शहर अब सरकारी सेना के नियंत्रण में है।

सरकार से जुड़े चार सूत्रों के अनुसार, सऊदी अरब के भारी हवाई हमलों की मदद से यमनी सैनिक मोचा शहर के बाहरी इलाकों तक पहुंच गए हैं। दावा किया गया कि हूती लड़ाके वहां से पहाड़ी क्षेत्रों की ओर पीछे हट रहे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। हूतियों ने मोचा पर कब्जे की खबर को बेबुनियाद बताया है।
बाब अल-मंदेब के पास भी सरकारी सेना की बढ़त
सरकारी सेना पहले ही बाब अल-मंदेब के मुहाने के पास कई महत्वपूर्ण इलाकों पर कब्जे का दावा कर चुकी है। इनमें धुबाब इलाके की एक हवाई पट्टी भी शामिल है। बाब अल-मंदेब बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, क्योंकि यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। दुनिया के बड़े व्यापारिक और तेल के जहाज इसी रास्ते से गुजरते हैं।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के होदेइदाह क्षेत्र में नौसैनिक कार्रवाई भी की है। सऊदी अरब का कहना है कि उसने बाब अल-मंदेब के पास लड़ रही यमनी सरकारी सेना को हवाई सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए यमन में सैकड़ों ठिकानों पर हमले किए हैं।
हूतियों का सऊदी ठिकानों पर हमले का दावा
दूसरी तरफ हूतियों ने सऊदी अरब के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है। इनमें रियाद का किंग खालिद एयरपोर्ट, राबिग की अरामको रिफाइनरी, अभा एयरपोर्ट और खमिस मुशैत का सैन्य अड्डा शामिल हैं। इन दावों की तत्काल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी। सऊदी अरब और अरामको की ओर से भी तत्काल कोई बयान नहीं आया।
हूतियों ने सऊदी हवाई क्षेत्र से आने-जाने वाले विमानों को निशाना बनाने की धमकी भी दी है। इससे क्षेत्र में हवाई और समुद्री सुरक्षा को लेकर तनाव और बढ़ गया है।
ताइज़ के आसपास भी तेज हुई लड़ाई
-------------------------------------------------------------------------------------------
यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर ताइज़ के आसपास भी संघर्ष तेज होने की खबर है। सरकारी सैन्य सूत्रों ने दावा किया कि हूतियों ने पहाड़ी सड़क के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया है। इससे शहर में मौजूद सरकारी सैनिकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, एक अन्य सरकारी सूत्र ने इस दावे से इनकार किया है। हूतियों के ताइज़ प्रांत के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने और ताइज़-अदन मार्ग पर एक पुलिया को नुकसान पहुंचाने की भी खबर है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सऊदी, तुर्की और पाकिस्तान ने बढ़ाया सुरक्षा सहयोग
यमन में बढ़ते संघर्ष के बीच सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने रियाद में आपात बैठक की। तीनों देशों ने सऊदी अरब में सैन्य बल और अन्य सुरक्षा क्षमताएं जल्द तैनात करने पर सहमति जताई। बैठक में मक्का और मदीना पर कथित हमलों के साथ-साथ सऊदी शहरों, आम नागरिकों और आर्थिक ठिकानों पर हूती हमलों की निंदा की गई।
युद्ध के बीच मानवीय संकट भी गहराया
यमन में दोबारा तेज हुई लड़ाई का असर आम लोगों पर भी पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी के मुताबिक, 1 लाख 84 हजार लोग अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर हुए हैं।
यमनी राष्ट्रपति राशद अल-अलीमी ने कहा है कि देश को हूतियों के कब्जे से मुक्त कराने तक लड़ाई जारी रहेगी। दूसरी ओर, मोचा पर सरकारी सेना के कब्जे और हूतियों के पीछे हटने से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
