सोनी सब के पुरुष कलाकारों ने इस नवरात्रि अपने जीवन की ‘रियल शक्ति’ को किया नमन

मुंबई, अक्टूबर, 2026: नवरात्रि का पावन त्यौहार माँ दुर्गा की शक्ति, सामर्थ्य और ऊर्जा का उत्सव मनाता है। इसी अवसर पर सोनी सब के पुरुष कलाकार मनीष वाधवा, नितिन बाबू और जितेन लालवानी अपनी जिंदगी की ‘रियल शक्ति’ के बारे में बात कर रहे हैं। वे उन महिलाओं को याद कर रहे हैं, जिन्होंने मुश्किल समय में उनका साथ दिया, उनके जीवन को दिशा दी और उन्हें आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी। चाहे वह उनकी माँ हों, बहन, पत्नी या कोई सह-कलाकार, इन महिलाओं ने हमेशा उन्हें शक्ति और प्रोत्साहन दिया है तथा जीवन की चुनौतियों का साहस और दृढ़ संकल्प के साथ सामना करने की प्रेरणा दी है।

हस्तिनापुर के वीर में भीष्म पितामह का किरदार निभा रहे मनीष वाधवा ने साझा किया, “मेरी माँ मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा रही हैं और माँ ही वह शख्स हैं, जिन्होंने मेरे जीवन के मूल्यों को आकार दिया है। उन्होंने मुझे हर किसी का सम्मान करना, दयालु बने रहना और लोगों की पृष्ठभूमि या पद की परवाह किए बिना सभी के साथ समान व्यवहार करना सिखाया। ये ऐसे सबक हैं, जिन्हें मैं हर दिन अपने साथ लेकर चलता हूँ। मेरे लिए वे ही मेरी जिंदगी की असली शक्ति हैं और उन्होंने जो संस्कार मुझे दिए हैं, उसके लिए मैं हमेशा उनका आभारी रहूँगा।”
‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में चिराग का किरदार निभा रहे नितिन बाबू ने साझा किया, “मेरी बहन हमेशा ऐसी शख्स रही है, जिस पर मैं किसी भी परिस्थिति में भरोसा कर सकता हूँ। हर भाई-बहन की तरह हमारे बीच भी कभी-कभी मतभेद होते हैं, लेकिन दिन के अंत में जब भी मुझे उनकी जरूरत होती है, वे हमेशा मेरे साथ खड़ी रहती हैं। जिस तरह से वे हर परिस्थिति को संभालती हैं और मुश्किल समय में भी मजबूती दिखाती हैं, मैं उसकी बहुत सराहना करता हूँ। मेरे लिए यही बात उन्हें मेरी जिंदगी की असली शक्ति बनाती है। वे ऐसी शख्स हैं, जो ज्यादा कुछ तो नहीं कहतीं, लेकिन जब मुझे सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब हमेशा मेरे साथ होती हैं।”
हस्तिनापुर के वीर में द्रोणाचार्य का किरदार निभा रहे जितेन लालवानी ने साझा किया, “मेरे लिए मेरी माँ, मेरी पत्नी, मेरी बेटी और मेरी सास ही मेरी जिंदगी की असली शक्ति हैं। मेरी माँ हमेशा मेरी ताकत का सबसे बड़ा स्रोत रही हैं, वहीं मेरी पत्नी हर अच्छे-बुरे दौर में मेरा अटूट सहारा बनी रही हैं। मेरी सास, जो एक डॉक्टर हैं, दूसरों की देखभाल और सेवा के प्रति अपने समर्पण से मुझे प्रेरित करती हैं। दूसरी ओर, मेरी बेटी मेरे जीवन में जिज्ञासा और नई ऊर्जा लेकर आती है। मुझे उसकी यह बात बहुत पसंद है कि वह नई चीज़ों को जानने और सीखने के लिए हमेशा उत्साहित रहती है, चाहे वह भाषाएँ हों, नई जगह हो, खाना हो, गायन हो, नृत्य हो या फिर संगीत वाद्ययंत्र। उसे सीखते और दुनिया को खोजते हुए देखना मुझे हर दिन प्रेरित करता है। इन सभी का मेरे दिल में एक बेहद खास स्थान है और उनका प्यार, उनकी ताकत और उनका धैर्य मुझे एक बेहतर इंसान बनाते हैं।”
