सेट पर अपने प्यारे फरी दोस्तों के साथ खुलकर बिताती हैं समय गुलकी जोशी, यादें, सोनी सब
मुंबई, अक्टूबर, 2026: सोनी सब का शो ‘यादें’ इन दिनों एक बिल्कुल नई दुनिया की कहानी पेश कर रहा है, जहाँ डॉ. देव मेहता (इकबाल खान) सामुदायिक सेवा के लिए किल्लारी गाँव में रहने पहुँच गए हैं। इस नए परिवेश ने जहाँ शो में एक ताजगी भरा रंग जोड़ा है, वहीं सेट पर कुछ बेहद प्यारे और नन्हें मेहमानों की भी एंट्री हुई है, जो बहुत जल्दी कलाकारों और क्रू के चहेते बन गए हैं।
कुछ चंचल पप्पीज़ ने हाल ही में सेट पर अचानक एंट्री की और देखते ही देखते सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। जो शुरुआत में सिर्फ कुछ उत्सुक नन्हें मेहमानों के सेट पर इधर-उधर घूमने से शुरू हुआ था
, वह जल्द ही शूटिंग के दिन का सबसे खुशनुमा हिस्सा बन गया। शॉट्स के बीच ये पप्पीज़ खुशी-खुशी पूरे सेट पर दौड़ते, कलाकारों और क्रू के साथ खेलते और उनसे मिलने वाले हर शख्स के पास पहुँच जाते हैं, जो उन्हें थोड़ा-सा प्यार और ध्यान देने को तैयार हो। खास तौर पर गुलकी जोशी और इकबाल खान के लिए इन प्यारे फरी दोस्तों से दूर रह पाना मुश्किल हो गया है। दोनों अक्सर अपने सीन्स के बीच कुछ अतिरिक्त समय निकालकर उनके साथ खेलते हैं और उन्हें प्यार-दुलार देकर अपने व्यस्त शूटिंग शेड्यूल में सुकून के कुछ खास पल बिताते हैं।

डॉ. सृष्टि का किरदार निभा रहीं गुलकी जोशी ने कहा, “सबसे मजेदार बात यह है कि जैसे ही पप्पीज़ सेट पर आते हैं, हम सभी कुछ मिनटों के लिए भूल जाते हैं कि हम क्या कर रहे थे। सीन्स के बीच मैं अक्सर उनके साथ खेलती हूँ और उन्हें खूब दुलार करती हूँ। वे इतने जिज्ञासु होते हैं कि खुशी-खुशी आपके पीछे-पीछे घूमते रहते हैं या फिर जब आप रिहर्सल कर रहे होते हैं, तो आकर आपके पास बैठ जाते हैं। यह भले ही एक छोटी-सी बात हो, लेकिन शूटिंग के दौरान ये छोटे-छोटे पल मेरे सबसे पसंदीदा पलों में शामिल हो गए हैं। उन्होंने किल्लारी शेड्यूल को यकीनन और भी ज्यादा मजेदार बना दिया है।”
डॉ. देव मेहता का किरदार निभा रहे इकबाल खान ने आगे कहा, “ये पप्पीज़ अब काफी समझदार हो गए हैं, क्योंकि ऐसा लगता है कि उन्हें ठीक-ठीक पता होता है कि हमें ब्रेक कब मिलता है। जैसे ही हम किसी सीन की शूटिंग पूरी करते हैं, वे न जाने कहां से आ जाते हैं और फिर हर कोई उन्हें अपने पास बुलाने लगता है। कई बार ऐसा होता है कि हम किसी सीन पर चर्चा कर रहे होते हैं और वे चुपचाप आकर हमारे बगल में बैठ जाते हैं। फिर अचानक पूरी बातचीत रुक जाती है, क्योंकि हर कोई उनके साथ थोड़ा समय बिताना चाहता है। यह सब पूरी तरह से अनायास होता है, लेकिन ये छोटे-छोटे पल सेट पर हमारे दिनों का एक बेहद प्यारा हिस्सा बन गए हैं।”
यादें देखें, हर सोमवार से शनिवार रात 8 बजे, सिर्फ सोनी सब पर।
