लखनऊ में सजी सुरों की यादगार शाम, ‘म्यूजिक इन सोल’ में फोकटेल्स म्यूजिक स्टूडियो का हुआ शुभारंभ

लखनऊ: संगीत, कला और संस्कृति से सजी शाम में फोकटेल्स म्यूजिक स्टूडियो का औपचारिक शुभारंभ किया गया। 12 सितंबर 2026 को होटल ताज, लखनऊ में आयोजित ‘म्यूजिक इन सोल’ कार्यक्रम में संगीत की अलग-अलग विधाओं और भावनाओं से जुड़ी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

10 साल की रचनात्मक यात्रा पर पुस्तक का विमोचन
फोकटेल्स की 10 वर्षों की रचनात्मक यात्रा के अवसर पर 10 पुस्तक का विमोचन किया गया। यह पहल कला, संस्कृति, विचार और ज्ञान के प्रति फोकटेल्स की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसी अवसर पर फोकटेल्स स्पिरिचुअल गिफ्टिंग पोर्टल की भी शुरुआत की गई। इसके जरिए भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और सकारात्मक जीवन मूल्यों से जुड़े विचारों एवं उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
उभरती संगीत प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
फोकटेल्स की 10 वर्षों की रचनात्मक यात्रा के बाद शुरू किया गया म्यूजिक स्टूडियो उभरती संगीत प्रतिभाओं को मंच, मार्गदर्शन और प्रशिक्षण देने की दिशा में पहल है। स्टूडियो के जरिए नई प्रतिभाओं को अपनी कला निखारने, अनुभवी कलाकारों से सीखने और अपनी प्रस्तुतियों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।
गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी ने बढ़ाई आयोजन की गरिमा
कार्यक्रम में पद्मश्री विद्या बिंदु, पद्मश्री अनिल रस्तोगी, एचजी अपारिमय श्याम दास, पवन सिंह चौहान, अपर्णा बिष्ट यादव, दानिश आजाद अंसारी, डॉ. हरि ओम, संयुक्ता भाटिया, अवनीश कुमार सिंह, डॉ. संजीव अवस्थी, सुधीर हलवासिया, निशीथ चंद्र, मंजुला गोस्वामी, काज़ी मेराज अहमद और अनिल कुमार समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत हाई टी और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों को फोकटेल्स म्यूजिक स्टूडियो की परिकल्पना और उसके उद्देश्यों से परिचित कराया गया।
पिता-पुत्र की जोड़ी ने बांधा समां
शाम की प्रमुख प्रस्तुतियों में फोकटेल्स के डायरेक्टर एवं गायक मनुज शर्मा और उनके पुत्र बाल गायक आध्यात्म शर्मा की प्रस्तुति खास आकर्षण रही। करीब 20 संगीत कलाकारों के साथ पिता-पुत्र की जोड़ी ने अलग-अलग रंग और भावनाओं से जुड़े गीत प्रस्तुत किए।
मनुज शर्मा ने अपने संबोधन में अपनी रचनात्मक यात्रा और फोकटेल्स के डायरेक्टर के रूप में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने फोकटेल्स के पिछले 10 वर्षों के सफर का उल्लेख करते हुए बताया कि कला, संस्कृति, रचनात्मकता और प्रतिभाओं के साथ काम करने की यह यात्रा अब संगीत के लिए समर्पित मंच की शुरुआत तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि नई प्रतिभाओं को अवसर देना इसी यात्रा को आगे बढ़ाने की स्वाभाविक कड़ी है।
कम उम्र में आध्यात्म ने छोड़ी खास छाप
लगभग 10 वर्षीय आध्यात्म शर्मा ने अपनी गायन प्रतिभा से कार्यक्रम में विशेष प्रभाव छोड़ा। कम उम्र में ही टी-सीरीज और दूरदर्शन के लिए अपनी आवाज दे चुके आध्यात्म ने अपने पिता मनुज शर्मा और अन्य कलाकारों के साथ मंच साझा किया। उनकी प्रस्तुति को दर्शकों की खूब सराहना मिली। पिता-पुत्र की इस जोड़ी ने अनुभव और नई पीढ़ी की प्रतिभा का खूबसूरत संगम पेश किया।
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भक्ति से देशभक्ति तक, संगीत के दिखे कई रंग
‘म्यूजिक इन सोल’ में संगीत की विविधता देखने को मिली। कार्यक्रम में ‘बृज रस’ जैसे भक्ति गीत के साथ ‘प्यार किया तो डरना क्या’, ‘जीना यहाँ मरना यहाँ’, ‘संदेसे आते हैं’, ‘मेरे ढोलना सुन’, ‘चिट्ठी आई है’, ‘छाप तिलक सब छीनी रे’, ‘उड़ जा काले कावा’ और ‘तू है तो दिल धड़कता है’ जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए गए।
भक्ति और सूफी संगीत से लेकर देशभक्ति, प्रेम और हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय गीतों तक की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को संगीत के अलग-अलग रंगों से जोड़े रखा।
राज स्मृति ने संभाला कार्यक्रम का संचालन
पूरे कार्यक्रम को फोकटेल्स के डायरेक्टर राज स्मृति ने प्रस्तुतकर्ता के रूप में सहज और प्रभावशाली अंदाज में आगे बढ़ाया। उन्होंने कलाकारों, अतिथियों और विभिन्न प्रस्तुतियों को एक सूत्र में पिरोते हुए पूरी शाम को जीवंत और सुसंगत बनाए रखा। उनके संचालन ने कार्यक्रम के अलग-अलग चरणों को जोड़ते हुए दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखी।
प्रशिक्षण और मार्गदर्शन पर भी रहेगा जोर
फोकटेल्स की 10 वर्षों की यात्रा कला, संस्कृति, रचनात्मकता और प्रतिभाओं से जुड़ी रही है। इसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए फोकटेल्स म्यूजिक स्टूडियो की शुरुआत की गई है। स्टूडियो का प्रयास केवल मंच उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उभरते कलाकारों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, प्रस्तुति और अपनी प्रतिभा को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने के अवसर देने पर भी केंद्रित रहेगा।
जयवीर सिंह से मुलाकात के बाद हुई थी पहल की घोषणा
फोकटेल्स की इस नई पहल की घोषणा उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह से शिष्टाचार भेंट के बाद की गई थी। उन्होंने सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रचनात्मक प्रतिभाओं को नए अवसर देने की पहल की सराहना करते हुए फोकटेल्स की पूरी टीम को शुभकामनाएं दी थीं।
कलाकारों और अतिथियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने संगीत, कला और संस्कृति के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। इसके बाद सम्मान समारोह और फोटोग्राफी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें कलाकारों और विशिष्ट अतिथियों ने हिस्सा लिया।
‘म्यूजिक इन सोल’ फोकटेल्स की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित विशेष संगीतमय आयोजन रहा। कार्यक्रम ने फोकटेल्स की अब तक की रचनात्मक यात्रा को नए पड़ाव से जोड़ने के साथ उभरती संगीत प्रतिभाओं के लिए फोकटेल्स म्यूजिक स्टूडियो के रूप में एक नया मंच भी सामने रखा। पहल के जरिए आने वाले समय में नई प्रतिभाओं को अवसर देने और भारतीय संगीत की विविधता को व्यापक मंच तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
