बीबीएयू में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर कार्यक्रम, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच संवाद-सहभागिता पर जोर
लखनऊ डेस्क: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में 1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर सामाजिक समावेशन अध्ययन केंद्र और सेकेंड इनिंग सीनियर सिटिजन्स क्लब के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सरोजिनी नगर विधानसभा के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह मौजूद रहे, जबकि अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की।
कार्यक्रम में इंडियन बैंक के चीफ जनरल मैनेजर सुधीर गुप्ता, डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी, अपोलो अस्पताल के प्रो. अमित गुप्ता, सेकेंड इनिंग सीनियर सिटिजन्स क्लब के संस्थापक अतुल दुबे, कार्यक्रम संयोजक एवं सामाजिक समावेशन अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. जया श्रीवास्तव, सुश्री बबिता और बंधन बैंक के क्लस्टर हेड सौरभ सिन्हा भी मंच पर मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और बाबासाहेब अंबेडकर के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद आयोजन समिति की ओर से मंचासीन अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतुल दुबे ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए आयोजन के उद्देश्य और रूपरेखा की जानकारी दी।
वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
मुख्य अतिथि डॉ. राजेश्वर सिंह ने वरिष्ठ नागरिकों को उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिया। उन्होंने सरोजिनी नगर विधानसभा क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी भी साझा की।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी गई है, क्योंकि शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सीएसआर के तहत सरोजिनी नगर विधानसभा क्षेत्र के 70 से अधिक विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हो सकें।
डॉ. सिंह ने ‘तारा शक्ति सिलाई केंद्र’ और ‘सरोजिनी नगर स्पोर्ट्स लीग’ जैसी जनकल्याणकारी पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए अलग-अलग आयु वर्गों के बीच संवाद और सहभागिता जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से वरिष्ठ नागरिकों के साथ जुड़ने, उनके अनुभवों से सीखने और उनके साथ आत्मीय संबंध स्थापित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव और युवा पीढ़ी की ऊर्जा मिलकर समाज को अधिक सशक्त और संवेदनशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
बुजुर्गों के अनुभव और युवाओं की जिम्मेदारी पर कुलपति ने दिया जोर
बीबीएयू के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सभी को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की विशेषता मजबूत पारिवारिक व्यवस्था और पीढ़ियों के बीच आत्मीय संबंधों में निहित है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों को अनुभव, ज्ञान और जीवन-मूल्यों के मार्गदर्शक के रूप में सम्मान दिया जाता है। यही सांस्कृतिक विरासत और पारिवारिक मूल्यों की परंपरा भारत को विश्व के सामने विशिष्ट पहचान देती है।
प्रो. मित्तल ने कहा कि बदलती जीवनशैली और रोजगार की परिस्थितियों के कारण आज अनेक बुजुर्ग अकेलेपन का सामना कर रहे हैं। ऐसे में युवाओं और विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है कि वे बुजुर्गों से संवाद स्थापित करें, उनके अनुभवों को समझें और उन्हें सामाजिक एवं भावनात्मक सहयोग दें।
उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाने और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील बनाना होगा। विद्यार्थियों का वरिष्ठ नागरिकों के साथ नियमित संवाद बुजुर्गों के अकेलेपन को कम करने में मददगार होने के साथ युवाओं को जीवन के अनुभव, संस्कार और मानवीय मूल्यों से भी जोड़ेगा।
पीढ़ियों के बीच दूरी कम करने की पहल
कार्यक्रम संयोजक एवं सामाजिक समावेशन अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. जया श्रीवास्तव ने कहा कि रोजगार, शिक्षा और बेहतर करियर के अवसरों की तलाश में बड़ी संख्या में युवा दूसरे शहरों और देशों की ओर जा रहे हैं। इसके कारण कई वरिष्ठ नागरिक अपने परिवार से दूर रहकर अकेलेपन का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शहरी परिवेश में बुजुर्गों के बीच बढ़ता एकाकीपन केवल भावनात्मक समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव और सामुदायिक सहभागिता से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौती भी है। सामाजिक समावेशन अध्ययन केंद्र का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलना और विभिन्न पीढ़ियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है।
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प्रो. श्रीवास्तव ने कहा कि इस पहल के माध्यम से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को वरिष्ठ नागरिकों के जीवन अनुभव, संघर्ष और सीख को समझने का अवसर मिलेगा। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को युवाओं के साथ संवाद, सहभागिता और अपनत्व का अनुभव प्राप्त होगा। ऐसी पहलें दो पीढ़ियों के बीच की दूरी कम करने के साथ संवेदनशील, समावेशी और सहयोगी समाज बनाने में भूमिका निभा सकती हैं।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए मंच उपलब्ध करा रहा क्लब
सेकेंड इनिंग्स सीनियर सिटिजन्स क्लब के संस्थापक अतुल दुबे ने क्लब की स्थापना के उद्देश्य और उसकी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्लब का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे आपस में संवाद करने के साथ अपनी प्रतिभा, अनुभव और रुचियों को साझा कर सकें।
उन्होंने बताया कि क्लब की ओर से वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से सक्रिय सहभागिता, आत्मीयता और सामाजिक जुड़ाव की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है।
‘सक्षम’ पत्रिका का हुआ विमोचन
कार्यक्रम के दौरान बीबीएयू के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने सेकेंड इनिंग सीनियर सिटिजन्स क्लब की पत्रिका ‘सक्षम’ का विमोचन किया। पत्रिका में क्लब की गतिविधियों, उद्देश्यों, उपलब्धियों और वरिष्ठ नागरिकों के साथ किए जा रहे विभिन्न कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई है।
इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। उन्होंने अपनी प्रतिभा और उत्साह का प्रदर्शन किया।
वरिष्ठ नागरिकों के साथ जुड़ने वाले विद्यार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम में सेकेंड इनिंग्स सीनियर सिटिजन्स क्लब के साथ जुड़कर वरिष्ठ नागरिकों से संवाद और आत्मीय संबंध स्थापित करने की पहल करने वाले बीबीएयू के विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
इस पहल से जुड़ने वाले विद्यार्थियों में विदुषी सक्सेना, भूमिका, मोनिका चौधरी, अरुण सिंह, सलील पटेल, आदर्श कुमार तिवारी, नागेंद्र सिंह, शिवम पटेल, अश्वनी वर्मा और पवन बराइक शामिल हैं। इस पहल के तहत विद्यार्थी और वरिष्ठ नागरिक एक-दूसरे को भावनात्मक एवं सामाजिक सहयोग प्रदान करते हुए साथ निभाएंगे।
समाजसेवी संस्थाओं, विद्यालयों और क्लब सदस्यों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और वरिष्ठ नागरिकों के हित में किए जा रहे कार्यों के लिए विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं और विद्यालयों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा क्लब में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले सदस्यों को भी सम्मानित किया गया।
समाज में मातृशक्ति के योगदान और उनकी उल्लेखनीय भूमिका को सम्मान देते हुए मातृशक्ति का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, सेकेंड इनिंग सीनियर सिटिजन्स क्लब के सदस्य, वरिष्ठजन, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे।


