Friday, July 17, 2026
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लखनऊ

लखनऊ ‘सीबीएसई’ सहोदय – वार्षिक बैठक में सहयोगात्मक विकास और नवाचार पर रहा जोर।

लखनऊ सी.बी.एस.ई. सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स ने 20 मई 2025 को लखनऊ पब्लिक कॉलेजिएट, शारदा नगर, लखनऊ में अपनी वार्षिक बैठक का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम क्षेत्र के सभी सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का मंच बना, जिससे छात्रों और सभी हितधारकों के समग्र विकास की दिशा में सामूहिक प्रयास सुनिश्चित हो सके।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों के हार्दिक स्वागत के साथ हुआ, जिससे पूरे दिन के लिए एक आत्मीय और सकारात्मक वातावरण बन गया। उद्घाटन समारोह जल संरक्षण पर आधारित एक अनोखी पहल के माध्यम से संपन्न हुआ, जिसने शिक्षा में पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना को रेखांकित किया। एक मधुर हिंदी गीत की प्रस्तुति ने मेहमानों का स्वागत करते हुए सांस्कृतिक रंग भर दिए।

सहोदय के अध्यक्ष डॉ. जावेद आलम खान ने उद्घाटन भाषण में विद्यालयों के बीच एकता और शिक्षण-पद्धति में नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया। पायनियर मोंटेसरी स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत एक रंगारंग नृत्य कार्यक्रम ने समारोह में कला का सुंदर समावेश किया।

इस अवसर पर प्रमुख शिक्षाविदों एवं सहोदय कोर कमेटी मेंबर्स श्रीमती बी. सिंह, डॉ. प्रेरणा मित्रा , श्रीमती ऋचा खन्ना,श्रीमती हेमा कालाकोटी,डॉ. रुपाली पटेल, डॉ. रीना पाठक, श्रीमती पूनम गौतम, श्रीमती शर्मिला सिंह, सुश्री शैफालिका मिश्रा और श्री अवनी कमल ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से बैठक की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इसके पश्चात वार्षिक सहोदय रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें वर्ष भर की उपलब्धियों, संयुक्त गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं का विवरण दिया गया। इसके बाद सीबीएसई के प्रमुख परिपत्रों पर एक विस्तृत चर्चा हुई, जिससे सभी सदस्य विद्यालय नवीनतम दिशा-निर्देशों और शैक्षणिक सुधारों से अवगत हो सकें।

बैठक की एक विशेष उपलब्धि वार्षिक सहोदय पत्रिका का विमोचन हुआ, जो सदस्य विद्यालयों की सामूहिक उपलब्धियों और रचनात्मक योगदान को प्रदर्शित करती है।

इस अवसर पर साहोदय कॉम्प्लेक्स के नए सदस्यों का स्वागत एवं परिचय कराया गया, जिससे समावेशिता और साझा नेतृत्व की भावना को बढ़ावा मिला। एक ‘ओपन ऑवर’ सत्र के माध्यम से प्रधानाचार्यों और विद्यालय प्रमुखों को शैक्षणिक मानकों को और बेहतर बनाने पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, राष्ट्रगान और एक समूह चित्र के साथ हुआ, जिसने सहयोग और प्रतिबद्धता की उस भावना को संजोया, जो सहोदय की आत्मा को परिभाषित करती है।

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