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गोण्डा में टेंडर घोटाले पर पुलिस का एक्शन, डीसी निर्माण विद्या भूषण मिश्रा गिरफ्तार

गोण्डा में सरकारी टेंडर में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में कोतवाली नगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी अभियुक्त विद्या भूषण मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें उनके ही कार्यालय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी परिसर से हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

एसपी के निर्देश पर चली कार्रवाई, टीम ने कार्यालय से दबोचा

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध विरोधी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी मनोज कुमार रावत के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस टीम ने अभियुक्त को गिरफ्तार किया। आरोपी विद्या भूषण मिश्रा डीसी निर्माण के पद पर तैनात था।

न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ था मामला

इस मामले में 4 नवंबर 2025 को विशेष अपर सत्र न्यायाधीश/भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय, गोरखपुर के आदेश पर कोतवाली नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। वादी मनोज पाण्डेय ने शिकायत में बताया था कि उनकी फर्म का चयन बेसिक शिक्षा विभाग में फर्नीचर आपूर्ति के लिए GEM पोर्टल के माध्यम से हुआ था।

₹50 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप

आरोप है कि कार्य दिलाने के नाम पर बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी, डीसी (GEM) प्रेम शंकर मिश्र और डीसी (सिविल) विद्या भूषण मिश्रा ने लगभग 50 लाख रुपये की अवैध धनराशि की मांग की। शिकायतकर्ता के अनुसार, आंशिक भुगतान के बावजूद लगातार शेष रकम के लिए दबाव बनाया गया और भुगतान न करने पर टेंडर निरस्त करने व फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की धमकी दी गई।

धन वापसी अधूरी, उत्पीड़न और ब्लैकलिस्टिंग का आरोप

वादी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ धनराशि वापस की गई, लेकिन शेष रकम नहीं लौटाई गई। इसके अलावा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और साजिश के तहत आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न करते हुए उनकी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।

साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तारी, आगे की कार्रवाई जारी

विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन में आरोपी की संलिप्तता पाए जाने के बाद 18 मार्च 2026 को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली नगर पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में कार्रवाई करते हुए उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।

गिरफ्तारी में शामिल रही पुलिस टीम

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अजय कुमार तिवारी के साथ कांस्टेबल विनय प्रताप, संदीप कुमार, देव कुमार और चन्द्रजीत चौहान की टीम शामिल रही।

 

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