UGC के नए नियमों के खिलाफ प्रोफेसर अमेरिका सिंह का ऐतिहासिक विरोध, सरकार से तत्काल वापसी की मांग

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा 1897 के राष्ट्रीय संरक्षक और पूर्व कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए UGC नियमों के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है। प्रोफेसर अमेरिका सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह नियम “काला कानून” है और इसका तत्काल प्रभाव विश्वविद्यालयों की स्वतंत्रता और शैक्षणिक माहौल पर नकारात्मक असर डालेगा।
शैक्षणिक माहौल पर गंभीर खतरा
अपने वक्तव्य में उन्होंने चेताया कि यदि नए नियम वापस नहीं लिए गए तो विश्वविद्यालयों में अपराध और अनैतिक गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह कानून केवल समाज को विघटित करेगा और भारत की शिक्षा प्रणाली को तहस-नहस कर देगा।
सरकार से तत्काल कदम उठाने की अपील
प्रोफेसर अमेरिका सिंह ने मोदी सरकार से आग्रह किया कि “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, एक भारत श्रेष्ठ भारत” के आदर्श से भटकते हुए, इस कानून को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि विश्वविद्यालयों की स्वतंत्रता और स्वायत्तता को बनाए रखना अति आवश्यक है।

समाज और शिक्षा प्रणाली पर प्रभाव
उन्होंने कहा कि यह नियम समाज के विकास की दिशा में बाधा है और इसके चलते वैमनस्यता बढ़ सकती है। प्रोफेसर अमेरिका सिंह ने सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि शिक्षा प्रणाली समाज को सशक्त बनाए, विघटित नहीं।


