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कश्मीर में बारिश-बर्फबारी से और गिरेगा पारा, कंपकंपाती ठंड का कहर जारी; गुलमर्ग में माइनस 9 डिग्री, हिमस्खलन का अलर्ट

जम्मू-कश्मीर इन दिनों भीषण शीतलहर की चपेट में है। घाटी के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार शून्य से नीचे बना हुआ है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है। बुधवार को भी पूरे कश्मीर में न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया। इस बीच मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है, जिससे ठंड और बढ़ने के आसार हैं। विभाग के अनुसार 31 जनवरी की शाम तक मौसम आमतौर पर शुष्क रहेगा और आसमान में बादल छाए रहेंगे।

कहां कितना दर्ज हुआ तापमान
बुधवार को गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान माइनस 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। श्रीनगर में पारा माइनस 0.6 डिग्री, जबकि पहलगाम में न्यूनतम तापमान माइनस 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू शहर में न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री, कटरा में 6.4, बटोटे में 0.9, बनिहाल में माइनस 2.6 और भद्रवाह में माइनस 3.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

कब होगी बारिश और बर्फबारी
मौसम विभाग के मुताबिक 1 और 2 फरवरी को प्रदेश में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश तथा बर्फबारी हो सकती है। इसके बाद 3 से 6 फरवरी तक मौसम के फिर से शुष्क रहने का अनुमान जताया गया है।

हिमस्खलन का बढ़ा खतरा, प्रशासन अलर्ट
गांदरबल, बांदीपोरा और कुपवाड़ा जिलों के अधिकारियों ने ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। स्थानीय प्रशासन ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

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सोनमर्ग हिमस्खलन के बाद चेतावनी
यह चेतावनी मंगलवार को सोनमर्ग में हुए हिमस्खलन की घटना के बाद जारी की गई है। हालांकि इस घटना में किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन स्थिति का आकलन करने के लिए पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। गांदरबल पुलिस के अनुसार मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए हिमस्खलन की आशंका “बहुत अधिक” बनी हुई है।

हाईवे और सड़कों की स्थिति
श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग को बुधवार को दोनों ओर के यातायात के लिए खोल दिया गया है। यात्रियों को जाम से बचने के लिए लेन अनुशासन का पालन करने की सलाह दी गई है। वहीं, जोजिला पास और पीर की गली में भारी बर्फबारी के चलते श्रीनगर-लेह हाईवे और मुगल रोड अभी भी बंद हैं। अनंतनाग को किश्तवाड़ से जोड़ने वाला सिंथन पास और बांदीपोरा जिले में गुरेज घाटी को जोड़ने वाला रजदान पास भी यातायात के लिए बंद हैं।

एयरपोर्ट और ‘चिल्लई कलां’ का असर
श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार से उड़ानों का संचालन फिर से शुरू हो गया है। घाटी में कड़ाके की ठंड का 40 दिन का दौर, जिसे स्थानीय भाषा में ‘चिल्लई कलां’ कहा जाता है, 21 दिसंबर से जारी है और यह शुक्रवार को समाप्त होगा।

 

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