जब कैमरे ने रघु राय को दी श्रद्धांजलि, तस्वीरों में दिखी दुनिया की अनकही कहानी

लखनऊ। विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर अलीगंज स्थित कलाश्रोत आर्ट गैलरी में द यूथ फोटोजर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से 10वीं सामूहिक फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस वर्ष की प्रदर्शनी देश के प्रख्यात फोटोग्राफर और पद्मश्री स्वर्गीय रघु राय को समर्पित रही। प्रदर्शनी में उनकी अविस्मरणीय तस्वीरों को विशेष स्थान देकर उनके योगदान को नमन किया गया।

प्रदर्शनी का माहौल उस समय भावुक हो गया, जब उपस्थित छायाकारों और दर्शकों ने रघु राय को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखा। उनकी तस्वीरों के जरिए फोटोग्राफी की उस विरासत को सामने रखा गया, जिसने दशकों तक भारतीय समाज, संस्कृति, राजनीति और आम जनजीवन के अनेक रंगों को कैमरे में कैद किया।
इस सामूहिक प्रदर्शनी में 70 से अधिक छायाकारों ने सहभागिता की। अलग-अलग छायाकारों की तस्वीरों में शहर, गांव, प्रकृति, सामाजिक सरोकार, संस्कृति, मानवीय संवेदनाओं और रोजमर्रा की जिंदगी के विविध पहलू नजर आए। हर तस्वीर अपनी अलग कहानी और नजरिया बयां करती दिखाई दी।
द यूथ फोटोजर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष साहिल सिद्दकी ने कहा कि विश्व फोटोग्राफी दिवस केवल कैमरे और तस्वीरों का उत्सव नहीं, बल्कि उन लोगों को याद करने का अवसर भी है, जिन्होंने फोटोग्राफी को समाज की आवाज बनाने का काम किया। रघु राय को प्रदर्शनी समर्पित करना इसी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
-------------------------------------------------------------------------------------------

प्रदर्शनी में शामिल छायाकारों ने कहा कि एक अच्छी तस्वीर सिर्फ दृश्य नहीं दिखाती, बल्कि समय, समाज और भावनाओं को भी अपने भीतर संजोती है। युवा फोटोग्राफरों ने रघु राय की तस्वीरों को प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को भी बेहतर तस्वीरें बनाने और समाज को करीब से देखने की प्रेरणा देती रहेगी।
आयोजकों के मुताबिक, एसोसिएशन की यह 10वीं सामूहिक प्रदर्शनी युवा और अनुभवी छायाकारों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ फोटोग्राफी की कला और पत्रकारिता के महत्व को भी रेखांकित करती है।

