रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में शिक्षण सहायक सामग्री प्रदर्शनी का सफल आयोजन

बरेली, 17 मार्च। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में बी.एड. द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा शिक्षण सहायक सामग्री प्रदर्शनी का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह की अध्यक्षता में किया गया। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य भावी शिक्षकों में रचनात्मकता, नवाचार तथा प्रभावी शिक्षण के लिए विभिन्न प्रकार की शिक्षण सहायक सामग्रियों के निर्माण की क्षमता का विकास करना था। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों से संबंधित आकर्षक चार्ट, मॉडल तथा कार्यशील शिक्षण सामग्री प्रस्तुत की।

भौतिक विज्ञान विषय में विद्यार्थियों ने ऊर्जा का रूपांतरण, पदार्थ की अवस्थाएँ, पदार्थ का परिवर्तन तथा चुंबकीय क्षेत्र जैसे विषयों पर कार्यशील मॉडल प्रस्तुत किए। इन मॉडलों के माध्यम से वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरल और प्रयोगात्मक रूप में समझाने का प्रयास किया गया।
गणित विषय के अंतर्गत विद्यार्थियों ने घन और उसका क्षेत्रफल, संख्या पद्धति, चतुर्भुज तथा गणितीय प्रश्नोत्तरी से संबंधित शिक्षण सामग्री तैयार की। इन मॉडलों और चार्टों के माध्यम से गणित की जटिल अवधारणाओं को सरल और रोचक तरीके से समझाने का प्रयास किया गया।
जीव विज्ञान विषय में विद्यार्थियों ने पाचन तंत्र, पुष्प के भाग तथा पादप और जन्तु कोशिका की संरचना से संबंधित मॉडल और चार्ट प्रस्तुत किए। इन शिक्षण सहायक सामग्रियों के माध्यम से जैविक संरचनाओं को स्पष्ट रूप से समझाया गया।
सामाजिक अध्ययन के अंतर्गत विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक स्मारक, भारत का संविधान, मौलिक अधिकार, ज्वालामुखी, पृथ्वी की आंतरिक संरचना तथा सौरमंडल जैसे विषयों को मॉडल और चार्ट के माध्यम से प्रदर्शित किया।

भाषा विषयों के अंतर्गत विद्यार्थियों ने संज्ञा, सर्वनाम, रचना लेखन, सम्बंधबोधक अव्यय, समुच्चयबोधक अव्यय तथा विराम चिन्ह जैसे व्याकरणिक विषयों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया।
अर्थशास्त्र और वाणिज्य विषय के अंतर्गत विद्यार्थियों ने टपक सिंचाई प्रणाली, मुद्रा, तथा मांग और आपूर्ति जैसे विषयों से संबंधित शिक्षण सामग्री तैयार की, जिनके माध्यम से आर्थिक अवधारणाओं को सरल और व्यावहारिक रूप में समझाया गया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. संतोष अरोरा ने अपने संबोधन में शिक्षण सहायक सामग्रियों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसी सामग्री विद्यार्थियों की समझ को बढ़ाने और शिक्षण को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस प्रदर्शनी के संयोजक डॉ. प्रतिभा सागर और डॉ. राम बाबू सिंह रहे।
प्रदर्शनी के दौरान विभाग के अन्य प्राध्यापक डॉ. मीनाक्षी, डॉ. सुरेश, डॉ. विमल आदि भी उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों के कार्यों की सराहना की। यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और उपयोगी सिद्ध हुई तथा इससे उनकी रचनात्मकता और शिक्षण कौशल का विकास हुआ।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
