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लापरवाही की हद: गर्भवती महिला की कर दी नसबंदी, ऑपरेशन से बची जान

गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में डॉक्टरों की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। सीएचसी में बिना जांच किए गर्भवती महिला की नसबंदी कर दी गई। 15 दिन बाद जब महिला की तबीयत बिगड़ने लगी, तो डॉक्टरों ने इलाज से हाथ खड़े कर दिए। आनन-फानन में परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां ऑपरेशन के बाद उसकी जान बचाई जा सकी, लेकिन गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।

बिना जांच कर दी नसबंदी
गोंडा जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव पड़रिया मर्दन सिंह निवासी कंधई लाल मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी पत्नी रूमा पहले से गर्भवती थी, लेकिन उसे इस बारे में जानकारी नहीं थी। इसी दौरान, एक आशा कार्यकर्ता उसे नसबंदी कराने के लिए सीएचसी ले गई, जहां डॉक्टरों ने बिना किसी जांच के उसका नसबंदी ऑपरेशन कर दिया।

15 दिन बाद बिगड़ी हालत, बच्चे की गई जान
ऑपरेशन के करीब पंद्रह दिन बाद रूमा की तबीयत बिगड़ने लगी। जब उसे फिर से अस्पताल ले जाया गया, तो वहां के डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज से मना कर दिया। मजबूरन परिजन उसे गोंडा के एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां अल्ट्रासाउंड जांच में पता चला कि महिला गर्भवती थी। इसके बाद उसका तत्काल ऑपरेशन किया गया, जिससे उसकी जान तो बच गई, लेकिन गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई।

जांच के बाद होगी कार्रवाई
इस मामले में सीएचसी अधीक्षक डॉ. संत प्रताप वर्मा ने बताया कि बिना जांच के ऑपरेशन करना नियमों के खिलाफ है। मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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