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UN की रिपोर्ट में दाऊद इब्राहिम को लेकर बड़ी चूक! भारत ने जताई कड़ी आपत्ति, कहा- ऐसी गलतियों से संगठन की विश्वसनीयता पर उठते हैं सवाल

न्यूयॉर्क: संयक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के गिरोह डी-कंपनी को ‘भारत स्थित’ आपराधिक संगठन बताए जाने पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत ने रिपोर्ट में गंभीर तथ्यात्मक गलतियां होने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही से संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचता है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघू पुरी ने बुधवार को महासभा की तीसरी समिति में आतंकवाद और मानवाधिकारों से संबंधित विशेष प्रतिवेदक बेन सॉल की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए यह मुद्दा उठाया।

डी-कंपनी को ‘भारत स्थित’ बताने पर भारत की आपत्ति

रघू पुरी ने कहा कि रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से वर्ष 2003 में अल-कायदा से संबंधों के कारण एक आपराधिक गिरोह के सरगना को प्रतिबंध सूची में शामिल किए जाने का उल्लेख है। रिपोर्ट में इस गिरोह को ‘भारत स्थित डी-कंपनी’ बताया गया है। भारत ने इस विवरण को खारिज करते हुए कहा कि इससे वास्तविक स्थिति की गलत तस्वीर सामने आती है।

पुरी ने स्पष्ट किया कि दाऊद इब्राहिम और उसका आपराधिक संगठन 1993 के आतंकवादी हमलों के सिलसिले में भारत में वांछित हैं। उन्होंने कहा कि दाऊद को वर्ष 2003 में संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में शामिल किए जाने से काफी पहले ही वह भारत छोड़ चुका था।

संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि भारत पहले भी विभिन्न मंचों पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदकों की उन रिपोर्टों को लेकर गंभीर चिंता जताता रहा है, जिनमें तथ्यात्मक गलतियां होती हैं और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की जाती।

पुरी के मुताबिक, ऐसी स्थिति अस्वीकार्य है। इससे सदस्य देशों के सामने ऐसी परिस्थितियां पैदा होती हैं, जहां उन्हें गलत जानकारी के आधार पर किसी निर्णय को स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यह उस अंतरराष्ट्रीय संगठन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसकी विश्वसनीयता पहले से ही सवालों के घेरे में है।

दाऊद को भारत छोड़ने के बाद किया गया था सूचीबद्ध

रघू पुरी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अल-कायदा प्रतिबंध व्यवस्था के आधिकारिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि दाऊद इब्राहिम को सूचीबद्ध करने के कारणों में संबंधित तथ्य दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि दाऊद भारत से बाहर रहने के दौरान अल-कायदा और उसके सरगना ओसामा बिन लादेन से संबंधों के कारण संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में शामिल किया गया था।

भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि दाऊद इब्राहिम अब भी भारत में वांछित अपराधी है। भारतीय प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र की सूची का हवाला देते हुए कहा कि दाऊद उसी देश में रहता है, जहां ओसामा बिन लादेन का पता लगाया गया था।

पाकिस्तान के एबटाबाद में मारा गया था ओसामा बिन लादेन

ओसामा बिन लादेन को मई 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद शहर में अमेरिकी नौसेना के सील कमांडो ने एक अभियान के दौरान मार गिराया था। भारत ने इस तथ्य का उल्लेख करते हुए दाऊद इब्राहिम के ठिकाने और उसके खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की सूची में दर्ज जानकारी के संदर्भ में अपनी आपत्ति रखी।

 

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