Vastu Tips : सुख-समृद्धि के लिए हमेशा याद रखें ये 10 वास्तु टिप्स, खुशियों से भर जाएगा जीवन

Vastu Tips in Hindi : हर कोई अपने घर को खूबसूरती से सजाना चाहता है। घर के कोने-कोने को सजाने के लिए हम तरह-तरह की पेटिंग्स से लेकर फूल-पौधे लगाते हैं। हालांकि कई बार वास्तु शास्त्र की जानकारी न होने पर हम कुछ ऐसा भी कर देते हैं, जिससे वास्तु दोष होता है। वास्तु शास्त्र में घर में सुख-शांति और खुशहाली के लिए कई तरह के उपाय भी बताए गए हैं।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, इन उपायों (Vastu Tips) से वास्तु दोष दूर होता है और घर में खुशहाली आती है–

  • अतिथियों के साथ मधुर रिश्तों के लिए उत्तर या पश्चिम दिशा में स्थान बनाना चाहिए।
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार, पैसों की बचत के लिए घर के दक्षिण-पूर्व दिशा में नीले रंग की बजाए गुलाबी रंग का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • कहते हैं कि पार्किंग के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थान होना शुभ होता है।
  • घर के पौधों को रोजाना पानी देना चाहिए। अगर कोई पौधा सूख जाए तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए।
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार, कभी भी व्यक्ति को दक्षिण दिशा में पांव करके नहीं सोने चाहिए। ऐसा करने से बैचेनी या घबराहट हो सकती है।
  • माना जाता है कि बेडरूम में ड्रेसिंग टेबल पूर्व या उत्तर दिशा में होनी चाहिए। इसके अलावा सोते समय शीशे को ढक देना चाहिए।
  • घर में उत्तर दिशा, पूर्व दिशा और वायव्य दिशा में सामान रखना शुभ होता है।
  • घर में नुकीले या कांटेदार पौधों को लगाने से बचना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसा करने से धन की हानि होती है।
  • घर में अग्नि से संबंधित उपकरण दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ होता है।
  • पूजा घर में नियमित तौर पर पूजा करनी चाहिए। पूजा घर कभी भी घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में नहीं बनाना चाहिए।
नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ------------------------- ------------------------------------------------------ -------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------- --------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------   ----------------------------------------------------------- -------------------------------------------------- -----------------------------------------------------------------------------------------
----------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper