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सऊदी अरब का हवाई क्षेत्र असुरक्षित बता हूतियों ने दी चेतावनी, यमन में तेज हुई जंग; बाब अल-मंदब पर भी बढ़ा तनाव

नई दिल्ली: ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र को नागरिक उड़ानों के लिए असुरक्षित बताते हुए चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार सऊदी हवाई समर्थन के साथ हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों पर जवाबी कार्रवाई कर रही है। यमन की सरकारी समाचार एजेंसी सबा के मुताबिक, हूतियों की एजेंसी एचओसीसी ने कहा है कि सऊदी हवाई क्षेत्र सुरक्षित नहीं है और यह उनकी सैन्य कार्रवाई का क्षेत्र होगा। हालांकि, चेतावनी में पवित्र शहर मक्का और मदीना के ऊपर के हवाई क्षेत्र को बाहर रखा गया है।

संघर्ष विराम टूटने के बाद बढ़ा तनाव

सऊदी अरब और हूतियों के बीच जुलाई 2022 में हुआ समझौता टूटने के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव दोबारा बढ़ गया था। पिछले महीने हूती विद्रोहियों ने यमन के पूरे लाल सागर तट पर कब्जा करने और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य को अपने नियंत्रण में लेने का दावा किया था।

इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हमले लगातार जारी हैं। संघर्ष विराम टूटने के बाद हूतियों ने पड़ोसी सऊदी अरब को भी निशाना बनाया है और उसके जहाजों के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी की घोषणा की है।

करीब 100 सऊदी लड़ाकू विमानों के साथ जवाबी अभियान

इसी बीच यमन की सेना ने करीब 100 सऊदी लड़ाकू विमानों के समर्थन से हूती ठिकानों पर हमले शुरू किए हैं। यमनी सरकार का कहना है कि यह अभियान हूतियों के कब्जे वाले क्षेत्रों को वापस लेने के लिए चलाया जा रहा है, जिसमें राजधानी सना भी शामिल है।

यमनी सेना ने दावा किया है कि अब तक 1,000 से ज्यादा हमले किए जा चुके हैं। दूसरी ओर हूती विद्रोहियों का कहना है कि रविवार को उन्होंने यमन के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में तुरबाह शहर समेत कई अन्य इलाकों पर कब्जा कर लिया है। दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और जमीन पर स्थिति तेजी से बदल रही है।

बाब अल-मंदब पर सरकारी सेना के नियंत्रण का दावा

यमन के सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एरियानी ने सोमवार को रॉयटर्स को बताया कि सऊदी समर्थन वाली यमनी सरकारी सेनाओं ने बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य पर प्रभावी नियंत्रण हासिल कर लिया है।

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उनके मुताबिक, सऊदी हवाई मदद के साथ यमनी सेना तट के किनारे तेजी से आगे बढ़ी और धुबाब इलाके के महत्वपूर्ण हिस्सों पर कब्जा कर लिया। धुबाब जलडमरूमध्य के सबसे संकरे हिस्से में स्थित है, इसलिए इसका सामरिक महत्व काफी अधिक माना जाता है।

होर्मुज बंद होने के बाद बाब अल-मंदब की बढ़ी अहमियत

मोअम्मर अल-एरियानी के मुताबिक, बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य सऊदी तेल निर्यात के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण हो गया है। इस साल फरवरी में पश्चिम एशिया में लड़ाई शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य बंद पड़ा है। ऐसे में बाब अल-मंदब लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच समुद्री आवाजाही का अहम मार्ग बन गया है।

उन्होंने कहा कि यमनी सेना ने धुबाब पट्टी पर कब्जा कर लिया है और वहां मौजूद हूती लड़ाकों को उनके मुख्य बल से अलग कर दिया है। हालांकि, एक अन्य सरकारी सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि जलडमरूमध्य के पास स्थित एक सैन्य अड्डे पर अभी भी लड़ाई जारी है। इससे संकेत मिलता है कि पूरे इलाके पर सरकारी बलों का नियंत्रण अभी पूरी तरह पुष्ट नहीं हुआ है।

हूतियों ने सरकारी सेना के दावे को खारिज किया

हूती विद्रोहियों ने यमनी सरकार के इन दावों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि सरकारी सेना को जमीन पर कोई महत्वपूर्ण बढ़त नहीं मिली है। दोनों पक्षों के दावे एक-दूसरे से अलग हैं और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।

फिलहाल यमन में लड़ाई एक बार फिर तेज हो गई है। एक तरफ सरकारी सेना सऊदी हवाई समर्थन के साथ आगे बढ़ने का दावा कर रही है, तो दूसरी ओर हूती विद्रोही नए इलाकों पर कब्जे और सऊदी हवाई क्षेत्र को असुरक्षित बताने की चेतावनी दे रहे हैं। बाब अल-मंदब जैसे महत्वपूर्ण और व्यस्त समुद्री मार्ग पर नियंत्रण को लेकर चल रही जंग का असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और समुद्री आवाजाही पर पड़ सकता है।

 

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