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गोंडा में सामाजिक बुराइयों के खिलाफ मंथन, पैगंबर मोहम्मद ﷺ के आदर्श जीवन से मानवता और सद्भाव की प्रेरणा लेने पर जोर

गोंडा: जेपी पैलेस में रविवार शाम मुस्लिम इंटेलेकचुअल फोरम की ओर से “समाज में फैली समस्याएं और मोहम्मद ﷺ का आदर्श जीवन” विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने पैगंबर मोहम्मद ﷺ के जीवन को मानवता के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए समाज में फैली नशाखोरी, भ्रूण हत्या, आत्महत्या, हिंसा और भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत बताई। वक्ताओं ने आपसी प्रेम, भाईचारा, सद्भाव और मानवता को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

समाज को नशामुक्त बनाने के साथ सामाजिक अपराध रोकने पर जोर

कार्यक्रम के संरक्षक एवं समाजसेवी लतीफुर्रहमान खान ने गोष्ठी के उद्देश्य और उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने के साथ भ्रूण हत्या, आत्महत्या और अन्य सामाजिक अपराधों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए जागरूकता बढ़ाने और सकारात्मक विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।

महिलाओं को सम्मान और अधिकार दिलाने का दिया संदेश

मुख्य अतिथि प्रसिद्ध इस्लामिक विद्वान मोहम्मद जमील सिद्दीकी ने पैगंबर मोहम्मद ﷺ के जीवन और उनके संदेश पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि मोहम्मद ﷺ का मानव जाति पर सबसे बड़ा उपकार यह था कि उन्होंने इंसान को इंसान की गुलामी से आजाद कराकर उसका रिश्ता एक ईश्वर से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जिस दौर में महिलाओं के साथ अत्याचार होता था और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा जाता था, उस समय पैगंबर मोहम्मद ﷺ ने महिलाओं को सम्मानजनक स्थान दिया तथा संपत्ति और विरासत में उनके अधिकार सुनिश्चित किए। उन्होंने पैगंबर ﷺ के जीवन को न्याय, समानता, मानवता, भाईचारे और करुणा का उदाहरण बताया।

मानवता और देशहित को प्राथमिकता देने की अपील

चेयरमैन राजू रस्तोगी ने कहा कि समाज को धर्म से ऊपर उठकर मानवता और देशहित में निर्णय लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में आपसी विश्वास, प्रेम और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सूरज सिंह ने कहा कि हिंदुस्तान को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हिंदू और मुसलमान दोनों समुदायों को साथ लेकर चलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आपसी एकता और सहयोग के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को देश की ताकत बताया।

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विभिन्न वक्ताओं ने सामाजिक एकता को बताया जरूरी

गोष्ठी में अमित पांडेय एडवोकेट, अमित शुक्ला, विवेक शुक्ला प्रधान, वरिष्ठ पत्रकार पी.पी. यादव, शुशील कुमार, रमन त्रिपाठी और सुमीत कुमार ने भी अपने विचार रखे। सभी ने सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवता को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत समाजसेवी मुजीब अहमद द्वारा पवित्र कुरआन की आयतों के पाठ से हुई। इसके बाद सुफियान मुजीब और अज़्म गोंडवी ने संस्कृत एवं हिंदी में नात की प्रस्तुति दी।

नशाखोरी और भेदभाव जैसी समस्याओं से मिलकर लड़ने का आह्वान

वक्ताओं ने कहा कि आज समाज नशाखोरी, आत्महत्या, भ्रूण हत्या, हिंसा, भेदभाव समेत कई गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है। ऐसे में पैगंबर मोहम्मद ﷺ के जीवन से मानवता, न्याय, दया, समानता, भाईचारे और सद्भाव की प्रेरणा लेकर समाज को बेहतर बनाने के लिए काम किया जा सकता है।

कार्यक्रम का संचालन नज्मी कमाल ने किया, जबकि फोरम के उपाध्यक्ष मुशफिक अहमद खान ने अतिथियों का स्वागत किया। अंत में फोरम के अध्यक्ष महमूद आलम ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में डॉ. सादिर खान, रमेश चंद्र तिवारी, डॉ. अरशद जमाल, डॉ. अल-आस उस्मानी, बशीर खान, डॉ. जी.के. राय, नरेन्द्र बहादुर सिंह, मास्टर राधेश्याम पासवान, अजय तिवारी, जाबिर अनीस सिद्दीकी, जमशेद वारसी और शफीक अहमद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और अन्य लोग मौजूद रहे।

 

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