पेगासस जासूसी विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट इस साल जनवरी में पेगासस सॉफ्टवेयर का उपयोग कर अनधिकृत निगरानी से संबंधित मामले में अदालत द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति द्वारा प्रस्तुत अंतरिम जांच रिपोर्ट पर विचार कर सकता है। भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति आरवी रवींद्रन की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा प्रस्तुत अंतरिम रिपोर्ट पर विचार कर सकती है। सूत्रों ने कहा कि रिपोर्ट अंतरिम है क्योंकि मामले के कुछ पहलुओं का विश्लेषण किया जाना बाकी है।

पेगासस विवाद की जांच से पता चला है कि इस स्पाइवेयर का इस्तेमाल मंत्रियों, विपक्षी नेताओं, राजनीतिक रणनीतिकारों, पत्रकारों, कार्यकर्ताओं, अल्पसंख्यक नेताओं, अनुसूचित जाति के न्यायाधीशों, धार्मिक नेताओं और केंद्रीय जांच ब्यूरो के प्रमुखों पर किया गया था। 17 मीडिया संगठनों द्वारा इस कथित खुलासे के बाद संसद में जोरदार हंगामा हुआ था। विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार पर हर तरफ से हमला किया। इसके बाद पेगासस विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जिसने पिछले साल कई याचिकाओं पर सुनवाई की थी।

कोर्ट ने क्या कहा
इस एक मामले में 12 याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए पीठ ने कहा था, “याचिकाकर्ताओं ने कुछ ऐसी सामग्री को रिकॉर्ड में रखा है जो इस अदालत द्वारा विचार करने योग्य है। भारत सरकार द्वारा याचिकाकर्ताओं द्वारा बताए गए किसी भी तथ्य का कोई विशेष खंडन नहीं किया गया है। सरकार द्वारा दायर ‘सीमित हलफनामे’ में केवल इस बात से इनकार किया गया है, जो पर्याप्त नहीं हो सकता है। ऐसी परिस्थितियों में हमारे पास याचिकाकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए बनाए गए प्रथम दृष्टया मामले को स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।”

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