‘मस्जिद में शिवलिंग’, किन महिलाओं की मांग पर हुआ सर्वे, जानिए जगह सील करने तक की पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली: वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर को लेकर चर्चाएं पूरे देशभर में हो रही है। हिंदू पक्ष की तरफ से उस जगह पर शिवलिंग मिलने का दावा किया जा रहा है। इस बीच सोमवार को सर्वे का काम भी पूरा हो गया है। जिस आशय से सर्वे कराया जा रहा था उसका उद्देश्य भी लगभग पूरा हो गया। बताया जा रहा है कि सर्वे टीम को परिसर के एक हिस्से में शिवलिंग नजर आया है।

सीनियर डिविजन के जज रवि कुमार दिवाकर ने तुरंत जिलाधिकारी को उस जगह को सील करने का आदेश दिया। याचिका की तमाम दलीलों पर गौर करने के बाद पीठासीन जज रवि दिवाकर ने याचिका स्वीकार कर ली। साथ ही उन्होंने वाराणसी प्रशासन को आदेश दिया है कि वह शिवलिंग वाली जगह को सील कर उसे संरक्षित और सुरक्षित करने की जिम्मेदारी ले।

आखिर इस मस्जिद को लेकर क्यो इतना विवाद हो रहा है और क्यों सर्वे करवाया जा रहा है। तो आईए जानते है इस से जुड़ी कुछ खास अंश। इस के इतिहास के बारे में काशी करवत मंदिर के महंत पं. गणेश शंकर उपाध्याय बताते है कि 1992 के पहले तो कोई मंदिर-मस्जिद का विवाद नहीं था। लोग बड़े आराम से ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में खेलने कूदने के लिए जाया करते थे। किसी तरह की रोकटोक नहीं थी। मस्जिद के हर हिस्से में हिंदू जाते थे किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं था।

ये सर्वे पांच महिलाओं की ओर से दायर याचिका पर हो रही है।वाराणसी की अदालत में याचिका दाखिल करने वाली इन पांच महिलाओं में लक्ष्मी देवी, राखी सिंह, सीता साहू, मंजू व्यास और रेखा पाठक शामिल हैं। मामले की अगुवाई राखी सिंह कर रही हैं। सीता दावा करती है कि मां शृंगार गौरी का मंदिर मस्जिद के अंदर बना है, लेकिन हम लोग अंदर नहीं जा सकते। इसकी अनुमति नहीं है। सिर्फ बाहर से पैर छू पाते हैं। हमारी आराध्य देवी का मंदिर मस्जिद के अंदर है। इसे अब कब्जा मुक्त करवाना है।

खत्म होने के बाद दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं। एक ओर हिन्दू पक्ष का दावा है कि मस्जिद के वजूखाने में 12.8 फीट व्यास का शिवलिंग मिला है। वहीं, मुस्लिम पक्ष इस तरह की किसी भी चीज के मिलने के दावे को खारिज कर रहा है। ज्ञानवापी परिसर में कमीशन की कार्यवाही में गुंबद, दीवार और फर्श के सर्वे के दौरान कई साक्ष्य दबे हुए दिखे। दीवारों पर पेंट और फर्श के नीचे दबे धार्मिक चिह्नों को लेकर चर्चा रही।

वादी पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने कोर्ट में आवेदन देकर कहा कि सोमवार को सर्वे के दौरान शिवलिंग मस्जिद कॉम्पलेक्स में पाया गया। यह महत्वपूर्ण साक्ष्य है। ऐसे में सीआरपीएफ कमांडेंट को आदेशित किया जाए कि वह इसे सील कर दें। जिलाधिकारी वाराणसी को आदेशित किया जाए कि वहां मुसलमानों का प्रवेश वर्जित कर दें। मात्र 20 मुसलमानों को नमाज अदा करने की इजाजत दी जाए और उन्हें वजू करने से भी तत्काल रोक दिया जाए। अदालत ने इसी आवेदन पर लगभग साढ़े 12 बजे शिवलिंग जिस स्थान पर पाया गया उसे अविलंब सील करने का आदेश दिया।

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