Tuesday, October 13, 2026
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रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक केन्द्र ने लगातार दूसरी बार जीती चल वैजयंती: पुरस्कार और चल वैजयंती से हुए सम्मानित

बरेली, 03अक्टूबर। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र के विद्यार्थियों ने श्री राम मूर्ति स्मारक ट्रस्ट, बरेली द्वारा आयोजित वरिष्ठ वर्ग वाद-विवाद प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार चल वैजयंती अपने नाम की। प्रतियोगिता का विषय “साइबर युद्ध : भविष्य के संघर्षों का नया हथियार” था।
प्रतियोगिता में पक्ष एवं विपक्ष दोनों वर्गों में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। पक्ष में विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अभय सिंह ने प्रथम स्थान तथा विपक्ष में लवी सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी समूहों एवं श्रेणियों में विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय को पुरस्कार और चल वैजयंती दोनों से सम्मानित किया गया।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र ने पहली बार इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया था। प्रथम प्रतिभागिता में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने पक्ष वर्ग में तृतीय तथा विपक्ष वर्ग में द्वितीय स्थान प्राप्त करते हुए पहली बार चल वैजयंती विश्वविद्यालय ने अपने नाम की। वर्ष 2026 में विद्यार्थियों ने अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए पक्ष वर्ग में प्रथम तथा विपक्ष वर्ग में तृतीय स्थान प्राप्त किया और लगातार दूसरी बार चल वैजयंती जीतकर विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि अर्जित की।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि “वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, अभिव्यक्ति-कौशल, विषय की गहन समझ और आत्मविश्वास का विकास करती हैं। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा लगातार दूसरी बार चल वैजयंती प्राप्त करना उनके परिश्रम, प्रतिभा और उत्कृष्ट तैयारी का परिणाम है। विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र द्वारा विद्यार्थियों को निरंतर प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे विभिन्न मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन कर रहे हैं। यह उपलब्धि न केवल विद्यार्थियों की सफलता है, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है।”
कुलपति महोदय ने विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं बौद्धिक गतिविधियों में भी निरंतर अवसर प्रदान किए जाने चाहिए, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
विश्वविद्यालय सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. ज्योति पांडे ने कहा कि “वर्ष 2025 और वर्ष 2026, दोनों वर्षों में विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र द्वारा चल वैजयंती प्राप्त करना अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। वर्ष 2025 में पहली बार प्रतिभाग करते हुए विद्यार्थियों ने चल वैजयंती जीती और इस वर्ष अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए लगातार दूसरी बार यह उपलब्धि हासिल की। यह विद्यार्थियों की निरंतर मेहनत, अभ्यास और विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र द्वारा उन्हें दिए जा रहे मार्गदर्शन का परिणाम है।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सांस्कृतिक केंद्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के साथ-साथ उनमें वक्तृत्व-कौशल, तार्किक क्षमता, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं समसामयिक विषयों की समझ विकसित करना है। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर कुलसचिव श्री महेंद्र कुमार, वित्ताधिकारी श्री महिमा चंद, परीक्षा नियंत्रक श्री अनिल कुमार यादव, सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. ज्योति पाण्डेय, प्रो अमित कुमार सिंह, , प्रो. विनय वर्मा, गौरव मिश्रा, तपन वर्मा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों एवं विद्यार्थियों ने विजेता विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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