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शिव के वेश में नाटक करना अपराध नहीं,सीएम सरमा बोले- ईशनिंदा का मामला नहीं

गुवाहाटी: असम के नागांव में नुक्कड़ नाटक में भगवान शिव का किरदार निभाने वाले शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप है। हालांकि गिरफ्तारी के एक दिन बाद रविवार को उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने माना कि जब तक आपत्तिजनक बात न कही जाए तब तक भगवान की वेशभूषा पहनना अपराध नहीं है। उन्होंने कहा कि यह ईशनिंदा से जुड़ा मामला नहीं माना जाएगा।

नागांव के नोनोई गांव निवासी 38 साल के सामाजिक कार्यकर्ता बीरिंची बोरा को पुलिस में दर्ज शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ विश्व हिंदू परिषद और भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) समेत दूसरे दलों ने धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया था।

रविवार को नोटिस देकर छोड़ा गया
इसके बाद नागांव के सदर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज हुई और बीरिंची के खिलाफ 295 ए समेत तमाम धाराओं के तहत आरोप तय हुए। बोरा रातभर पुलिस थाने में रहे और रविवार को उन्हें नोटिस देकर रिहा कर दिया गया।

पेट्रोल डीजल के दामों पर नुक्कड़ नाटक
दरअसल पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस समेत अन्य खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के खिलाफ शनिवार को युवक-युवती भगवान शिव और माता पार्वती की वेशभूषा धारण कर नागांव शहर के कॉलेज चौक के नजदीक बाइक से पहुंचे। अचानक पेट्रोल खत्म हो जाने की वजह से शिव-पार्वती के बीच काहासुनी हो गई। यह सब एक नुक्कड़ नाटक का दृश्य था।

पीएम मोदी पर साधा निशाना
इसके अलावा दवा की कीमतों में वृद्धि और बेरोजगारी की समस्या को लेकर भी दोनों के बीच बहस होने लगी। दोनों कलाकारों की बहस सुनने के लिए लोगों की भीड़ वहां जुट गई। बताया जा रह है कि भगवान शिव का कलाकार निभाने वाले बीरिंची बोरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार सिर्फ पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है और लोगों की बिल्कुल चिंता नहीं है।

सीएम ने कहा- ईशनिंदा का मामला नहीं
इस घटना को लेकर नागांव सदर थाने में बीरिंची बोरा के खिलाफ मामला दर्ज हुआ और उन्हें हिरासत में लिया गया। बोरा की गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई गई। इसके बाद सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट करते हुए कहा कि उपरोक्त मामला ईशनिंदा से जुड़ा नहीं है।

सीएम ने ट्वीट किया, ‘मौजूदा मुद्दों पर नुक्कड़ नाटक ईशनिंदा नहीं है। भगवान की तरह वेशभूषा रखना अपराध नहीं है जब तक कि कुछ आपत्तिजनक न कहा जाए। उन्होंने कहा कि नागांव पुलिस को उचित आदेश जारी किए गए हैं।’

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