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रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के प्रो.विनय ऋषिवाल विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल

 

बरेली,12अक्टूबर । महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के कंप्यूटर साइंस एवं इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग के प्रोफेसर तथा अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. विनय ऋषिवाल को Stanford–Elsevier द्वारा प्रकाशित विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची 2026 की Single-Year Impact Category में सम्मिलित किया गया है।
वर्ष 2026 की यह सूची Scopus के आंकड़ों तथा वर्ष 2025 में प्राप्त शोध-उद्धरणों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें वैज्ञानिकों के शोध-प्रभाव का मूल्यांकन citations, h-index, co-authorship adjusted hm-index, विभिन्न authorship positions तथा composite citation score जैसे मानकों के आधार पर किया गया है।
जारी विवरण के अनुसार प्रो. ऋषिवाल का मुख्य शोध क्षेत्र Information and Communication Technologies तथा प्रमुख उप-क्षेत्र Networking and Telecommunications है। इस उप-क्षेत्र में उन्हें 4,046वीं वैश्विक रैंक प्राप्त हुई है,
प्रो. विनय ऋषिवाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, कंप्यूटर नेटवर्क, साइबर सुरक्षा, ब्लॉकचेन, 5G/6G संचार, स्मार्ट सिटी तथा साइबर-फिजिकल सिस्टम जैसे उभरते क्षेत्रों में सक्रिय रूप से शोध कर रहे हैं। उनके नाम 126 शोध प्रकाशन, 87 पेटेंट, 10 प्रकाशित पुस्तकें, 10 पीएचडी उपाधियाँ तथा 9 प्रायोजित शोध परियोजनाएँ दर्ज हैं। उनके शोध कार्यों को 2,200 से अधिक Scopus citations प्राप्त हो चुके हैं तथा उनका वर्तमान Scopus h-index 25 है।
प्रो. ऋषिवाल IEEE एवं ACM के Senior Member तथा The Institution of Engineers India के Fellow हैं। उन्होंने 100 से अधिक keynote addresses एवं expert talks प्रदान किए हैं और 12 से अधिक देशों में अकादमिक, शैक्षणिक एवं शोध सहयोग संबंधी गतिविधियों में सहभागिता की है। वह मलेशिया की Taylor’s University तथा इंडोनेशिया की Nusa Putra University से भी Adjunct/Visiting Professor के रूप में जुड़े रहे हैं।
शोध एवं अकादमिक योगदान के साथ-साथ प्रो. ऋषिवाल विद्यार्थी कल्याण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से संबंधित गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अधिष्ठाता छात्र कल्याण के रूप में वह विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र, विद्यार्थी सहायता, स्वास्थ्य शिविर, नशामुक्ति जागरूकता, तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य, समावेशिता एवं लैंगिक समानता से संबंधित कार्यक्रमों का संचालन एवं समन्वय कर रहे हैं। सामाजिक न्याय मंच के संस्थापक के रूप में वह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित विद्यार्थियों के शैक्षणिक और सामाजिक उत्थान के लिए भी निरंतर कार्यरत हैं।
प्रो. विनय ऋषिवाल की यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। इससे विश्वविद्यालय में विकसित हो रही अनुसंधान, नवाचार एवं अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग की संस्कृति को नई पहचान मिली है तथा यह उपलब्धि विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणादायी है।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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