जापान में 7.1 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही, 13 लोगों की मौत; राहत-बचाव अभियान तेज
नई दिल्ली: जापान के दक्षिणी मुख्य द्वीप क्यूशू में मंगलवार को आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने व्यापक तबाही मचा दी। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग घायल हुए हैं, जबकि कई अन्य अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
कुमामोतो में मॉल की मंजिल ढही, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

भूकंप का सबसे अधिक असर कुमामोतो प्रांत के काशिमा टाउन में देखने को मिला, जहां स्थित एयॉन मॉल की दूसरी मंजिल ढह गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गैस रिसाव के बाद हुए विस्फोट के कारण यह हादसा हुआ। मलबे से चार लोगों को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया है, जबकि कई अन्य लोगों के अब भी फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं।
फैक्ट्री में चिमनी गिरने से कर्मचारी दबे
यात्सुशिरो स्थित निप्पॉन पेपर इंडस्ट्रीज की फैक्ट्री में एक विशाल चिमनी गिर गई, जिससे कई कर्मचारी मलबे के नीचे दब गए। अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान जारी है। कुमामोतो और आसपास के इलाकों में एहतियात के तौर पर 2.6 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
दो घंटे बाद वापस लिया गया सुनामी अलर्ट
भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने सुनामी की चेतावनी जारी की थी, लेकिन हालात की समीक्षा के बाद करीब दो घंटे के भीतर इसे वापस ले लिया गया। हालांकि एजेंसी ने लोगों से अगले दो से तीन दिनों तक संभावित आफ्टरशॉक को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।

सड़कें, पुल और इमारतें क्षतिग्रस्त
प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने बताया कि भूकंप से कई सड़कों, पुलों और इमारतों को नुकसान पहुंचा है। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने और आग लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं। हालांकि आसपास मौजूद तीनों परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में किसी तरह की तकनीकी गड़बड़ी नहीं पाई गई है।
उद्योग और परिवहन सेवाओं पर भी पड़ा असर
भूकंप के बाद कई प्रमुख औद्योगिक इकाइयों और परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा है। टोयोटा, होंडा और निप्पॉन पेपर ने अपने कई संयंत्रों का संचालन एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया है। क्यूशू क्षेत्र में शिंकानसेन बुलेट ट्रेन और स्थानीय रेल सेवाएं सुरक्षा जांच के लिए बंद कर दी गई हैं। वहीं, कुमामोतो एयरपोर्ट का रनवे भी फिलहाल बंद है। हालात की निगरानी और राहत कार्यों में सहयोग के लिए जापान के रक्षा मंत्रालय ने सैन्य विमान तैनात किए हैं।
