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श्रीराम मूर्ति मेडिकल कालेज का आरआर कैंसर इंस्टीट्यूट कर रहा मरीजों का सफल इलाज

 

बरेली,03फरवरी। कैंसर का नाम ही इसकी भयावहता को बताने के लिए काफी है। कैंसर पीड़ित होने की जानकारी पर मरीज बीमारी से लड़ने की हिम्मत हार जाते हैं। यही हाल घरवालों का भी होता है। हालांकि कुछ लोग इस बीमारी से लड़ते हैं और जीतते भी हैं। मुस्कुराकर फिर अपनी स्वस्थ जिंदगी गुजारते हैं, जैसे कभी कुछ हुआ ही न हो। कैंसर से लड़कर जीतने वाले ऐसे ही कुछ योद्धाओं से आज आपकी मुलाकात कराते हैं। ये कोई सेलिब्रिटी नहीं, जो विदेश गए हों और महंगा इलाज करा कर स्वस्थ हुए हों। यह आपके आसपास के ही आम लोग हैं। जिन्होंने बरेली में ही रहकर एसआरएमएस इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज के आरआर कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर में इलाज कराया और जानलेवा समझी जाने वाली बीमारी कैंसर को मात दी। 2007 में स्थापित होने के बाद से अब तक 19 वर्ष में आरआर कैंसर इंस्टीट्यूट में 45 हजार से अधिक कैंसर के मरीज परामर्श ले चुके हैं। इनमें 11 हजार से ज्यादा मरीजों की रेडियोथेरेपी, साढ़े 11 हजार से ज्यादा कैंसर सर्जरी, 29 हजार से ज्यादा मरीजों की कीमोथैरेपी, साढ़े तीन हजार से ज्यादा मरीजों की ब्रेकीथैरेपी, साढ़े आठ हजार से ज्यादा पैट सीटी स्कैन किया जा चुका है। यह सेंटर रुहेलखंड रीजन और आसपास के इलाके में कैंसर के उपचार में बड़ा सेंटर बन चुका है। जहां उत्तराखंड, नेपाल तक से मरीज अपना इलाज कराने आते हैं।
डा.पीयूष अग्रवाल,डायरेक्टर,आर आर कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर ने लखनऊ ट्रिब्यून से विशेष साक्षात्कार में बताया,”कैंसर से डरें नहीं, बस जागरुक रहें। कैंसर लाइलाज नहीं, बस जागरूकता की कमी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। शुरुआती चरणों में पूरी तरह से इस भयानक बीमारी पर काबू करना संभव है। लेकिन इसकी जांच के लिए बायोप्सी कराने से डरना। रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी को लेकर गलत धारणाओं से लोग इसके इलाज से बचते हैं। इस लापरवाही से यह बीमारी अंतिम चरण में पहुंच कर लाइलाज हो जाती है। यदि समय से जांच और इलाज कराया जाए। तो इसे प्रारंभिक अवस्था में ही पकड़ा जा सकता है और इसका पूर्ण इलाज संभव है। एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज स्थित आरआर कैंसर इंस्टीट्यूट में आरंभिक चरण में ही सभी प्रकार के कैंसर की पहचान और इसका संभव है। हजारों मरीज यहां से स्वस्थ होकर सामान्य और कैंसर से बेखौफ जीवन बिता रहे हैं। जल्द ही एसआरएमएस में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा आरंभ होने वाली है।”

विश्व कैंसर दिवस पर एसआरएमएस में तीन दिवसीय कैंसर परीक्षण कैंप आयोजित किया जा रहा है। एसआरएमएस मेडिकल कालेज स्थित आरआर कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर डा.पियूष कुमार अग्रवाल कहते हैं कि 19 वर्ष से संचालित 100 बेड का यह डेडिकेटेड कैंसर अस्पताल विश्वस्तरीय कैंसर चिकित्सा के लिए उ.प्र. और उत्तराखंड का अग्रणी संस्थान है। यहां रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, गायनी ऑन्कोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी, प्रवेन्टिव ऑन्कोलॉजी और पैलियेटिव केसर जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे और वाजिब कीमत पर उपलब्ध हैं। इस वर्ष विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष्य में यहां पर तीन दिवसीय कैंसर परीक्षण कैंप का आयोजन किया जा रहा है। 5 से 7 फरवरी तक आयोजित इस कैंप में कैंसर विशेषज्ञों द्वारा लिखी जांचों पर 15 फीसद की छूट प्रदान की जा रही है। तीनों दिन कैंप में सुबह 9 बजे से दोपहर दो बजे तक रजिस्ट्रेशन होंगे।

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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