रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास और संस्कृति विभाग के छात्र/ छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण

बरेली,27 फरवरी।महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग के शोधार्थियों एवं परास्नातक (एम.ए.) उत्तरार्ध के विद्यार्थियों का दिनांक 26 फरवरी 2026 को ऐतिहासिक पुरास्थल संकिसा फरुखाबाद का शैक्षणिक भ्रमण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह के संरक्षण एवं विभागाध्यक्ष डॉ प्रिया सक्सेना के निर्देशन में संपन्न हुआ l विद्यार्थियों ने संकिसा स्थित बौद्ध स्तूप, अशोक स्तंभ अवशेष तथा प्राचीन पुरातात्त्विक संरचनाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संकिसा के ऐतिहासिक महत्व, विशेषतः गौतम बुद्ध के त्रयस्त्रिंश स्वर्ग से अवतरण से संबंधित परंपरा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. प्रिया सक्सेना ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों की ऐतिहासिक समझ, विश्लेषणात्मक क्षमता एवं शोध कौशल में वृद्धि होती है। डॉ. पवन कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए गौतम बुद्ध के जीवन, जन्म, ज्ञान प्राप्ति, प्रथम उपदेश एवं महापरिनिर्वाण से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों पर प्रकाश डाला l पुराविद् डॉ अनूप मिश्रा ने उत्खनन से प्राप्त अवशेषों एवं संरचनाओं की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर विस्तार से चर्चा की। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को संकिसा स्थल का महत्त्व, बौद्ध विहार की स्थापत्य विशेषताओं, उत्खनन से प्राप्त मृदभाण्ड भौतिक अवशेषों तथा बौद्ध धर्म के प्रसार में संकिसा की भूमिका के विषय में व्यावहारिक एवं शैक्षणिक जानकारी प्रदान की गई। इस शैक्षणिक यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम आधारित अध्ययन के साथ-साथ प्रत्यक्ष स्थल निरीक्षण का अनुभव कराना था, जिससे उनकी शोध-दृष्टि का विकास हो सके। संकायाध्यक्ष प्रो विजय बहादुर सिंह यादव ने छात्रों को शुभकामनायें दी lउन्होंने ने इस भ्रमण को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।
पुरास्थल के भ्रमण को सफल बनाने में समिति सदस्य डॉ पिंकी गुप्ता, डॉ आलोक कुमार मोहित मिश्रा, होरीलाल, राजीव यादव एवं मुनीश साहू का भी विशेष योगदान रहा।


भ्रमण के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
