गोंडा में एंटी करप्शन का बड़ा एक्शन: विकास भवन पर छापा, दो वरिष्ठ लिपिक हिरासत में

गोंडा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई ने रफ्तार पकड़ ली है। बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे एंटी करप्शन टीम ने विकास भवन में अचानक छापेमारी कर दी। टीम की इस कार्रवाई से पूरे विकास विभाग में हड़कंप मच गया। छापे के दौरान विभिन्न विभागों में जांच करते हुए टीम दो वरिष्ठ लिपिकों को अपने साथ ले गई।

समाज कल्याण और पिछड़ा वर्ग विभाग के लिपिकों पर कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, समाज कल्याण विभाग में तैनात वरिष्ठ लिपिक अरुणेंद्र सिंह और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के वरिष्ठ लिपिक उदय भान सिंह को एंटी करप्शन टीम पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है। कार्रवाई के बाद दोनों कर्मचारियों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ बताए जा रहे हैं, जिससे विभागीय कर्मचारियों के बीच चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
अचानक कार्रवाई से विभाग में अफरा-तफरी
एंटी करप्शन टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के विकास भवन पहुंचकर दोनों कर्मचारियों को अपने कब्जे में लिया और तत्काल साथ ले गई। इस दौरान अन्य विभागों के कर्मचारी भी सहमे नजर आए। पूरे परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा।

लगातार दूसरे दिन कार्रवाई, बढ़ी सख्ती के संकेत
इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी एंटी करप्शन पुलिस ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात डीसी निर्माण विद्या भूषण मिश्रा को हिरासत में लिया था। उन पर फर्नीचर खरीद में कमीशन मांगने का गंभीर आरोप दर्ज है। लगातार दूसरे दिन हुई इस कार्रवाई से यह संकेत मिल रहा है कि जिले में भ्रष्टाचार के मामलों पर एजेंसियां सख्त रुख अपना रही हैं।
पूछताछ जारी, बड़े खुलासे की आशंका
फिलहाल एंटी करप्शन टीम दोनों लिपिकों से पूछताछ कर रही है। मामले पर अभी तक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि विकास भवन के अंदर दबी जुबान में इस कार्रवाई को लेकर कई और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
