गोण्डा पुलिस की बड़ी सफलता: 251 खोए मोबाइल बरामद, करीब 51 लाख रुपये की संपत्ति असली मालिकों को लौटाई

गोण्डा जिले में अपराध नियंत्रण और जनसेवा के अभियान के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। जनपदीय पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने कुल 251 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिया। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 51 लाख रुपये आंकी गई है।

अभियान के तहत मिली बड़ी सफलता
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देशन में जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक और अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण में, साथ ही क्षेत्राधिकारीगण के नेतृत्व में सर्विलांस टीम ने विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद मोबाइलों में एप्पल, सैमसंग, वीवो, ओप्पो, टेक्नो, रेडमी और वन प्लस जैसी कंपनियों के फोन शामिल हैं।
2025 में अब तक 695 मोबाइल की हो चुकी है बरामदगी
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, वर्ष 2025 के दौरान अब तक जनपदीय पुलिस और सर्विलांस सेल की टीम द्वारा कुल 695 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। यह आंकड़ा पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता को दर्शाता है।
सीईआईआर पोर्टल की मदद से तेज हुई कार्रवाई
खोए हुए मोबाइलों की बरामदगी के लिए पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें सर्विलांस टीम और सभी थाना प्रभारियों को शामिल किया गया। टीम ने सभी थानों के साथ समन्वय बनाकर भारत सरकार के सीईआईआर पोर्टल की नियमित मॉनिटरिंग की। इसी प्रक्रिया के तहत 251 मोबाइल फोन सफलतापूर्वक ट्रेस कर बरामद किए गए, जिन्हें 3 मई 2026 को उनके मालिकों को सौंप दिया गया।
थाना स्तर पर भी सक्रिय रही पुलिस टीम

मोबाइल बरामदगी में जिले के विभिन्न थानों की अहम भूमिका रही। कोतवाली नगर, कोतवाली देहात, खरगूपुर, इटियाथोक, तरबगंज, नवाबगंज, वजीरगंज, उमरीबेगमगंज, मोतीगंज, कर्नलगंज, कटराबाजार, कौड़िया, परसपुर, धानेपुर, मनकापुर, छपिया और खोड़ारे थानों की टीमों ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाया। इसके अलावा नोडल सर्विलांस टीम ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मोबाइल मिलने पर लोगों ने जताया आभार
अपने खोए हुए मोबाइल फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे। मोबाइल धारकों ने पुलिस अधीक्षक और पूरी पुलिस टीम की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। यह पहल पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करती है।
जनता से की गई अहम अपील
इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की कि वे अपने मोबाइल में ‘संचार सारथी’ ऐप डाउनलोड करें। साथ ही मोबाइल खोने की स्थिति में तुरंत बिल, आईएमईआई नंबर, आधार कार्ड और पहचान पत्र के साथ नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर जानकारी दर्ज कराएं। इससे मोबाइल की ट्रैकिंग और बरामदगी में आसानी होती है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीम को मिलेगा पुरस्कार
पुलिस अधीक्षक ने इस सफल अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सर्विलांस टीम को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा भी की है। इस पूरी कार्रवाई में सर्विलांस सेल और विभिन्न थानों की मोबाइल रिकवरी टीम ने अहम भूमिका निभाई।
